एमपी मानसून : मध्यप्रदेश में अब तक सामान्य से भी बहुत कम बारिश हुई है। सभी किसान खरीफ फसल को लेकर चिंतित है। लेकिन अब किसानों एवं प्रदेशवासियों के लिए अच्छी खबर मिलने वाली है। लंबे समय बाद फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। मंगलवार दिनभर धूप निकली रही। दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। भोपाल, जबलपुर ग्वालियर और बालाघाट समेत कई जिलों में बारिश हुई। कहीं- कहीं तेज हवाएं भी चलीं। मंडला में भी दोपहर में पानी गिरा। प्रदेश में अगले तीन दिन तेज बारिश MP Rain Alert के आसार है।
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात
मौसम विभाग ने सागर, रीवा समेत प्रदेश के 12 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश का अलर्ट MP Rain Alert जारी किया था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। उधर हिमालय की तलहटी में पहुंच गया मानसून द्रोणिका का पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति में आ गया है। वर्तमान में मानसून द्रोणिका सतना से होकर गुजर रही है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज बारिश होने का अनुमान है। यह सिस्टम 18 से 19 सितंबर तक एक्टिव रह सकते हैं।
मंगलवार-बुधवार को यहां बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों से मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इस वजह से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा होने लगी है। मंगलवार-बुधवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर एवं भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। वर्षा का सिलसिला तीन-चार दिनों तक बना रहने के भी आसार हैं।
अभी यह मौसम सिस्टम सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी एसएन साहू ने बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में उत्तरी आंध्रा एवं दक्षिणी ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून द्रोणिका का पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में है, लेकिन पूर्वी सिरा नजीबाबाद, लखनऊ, सतना, रायपुर से होते हुए कम दबाव के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर कम दबाव के क्षेत्र तक एक द्रोणिका बनी हुई है।
पूर्वी एमपी में शुरू हुआ बारिश का सिलसिला
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों से मानसून फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी मप्र में वर्षा का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मंगलवार-बुधवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर एवं भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। वर्षा का सिलसिला तीन-चार दिनों तक बना रहने के भी आसार हैं।
अब तक सामान्य से 19 फीसदी कम बारिश
बता दें कि, इस सीजन में मध्य प्रदेश में एक जून से लेकर मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 664.5 मिलीमीटर वर्षा हुई है। जो सामान्य वर्षा (823.9 मिमी.) की तुलना में 19 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 27 जिलों में सामान्य से 47 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है। इससे सोयाबीन, धान की फसलों पर सूखे का खतरा मंडराने लगा है।
मध्यप्रदेश का मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक 6 सितंबर से 15 सितंबर तक मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा में बहुत अच्छी बारिश MP Rain Alert होने वाली है। आज पूर्वी मध्यप्रदेश के सभी जिले में बहुत अच्छी वर्षा हुई है धीरे धीरे ये बादलों का दल आगे बड़ रहा है जो आज रात या सुबह तक पश्चिमी मध्यप्रदेश इंदौर, उज्जैन,शाजापुर,नीमच, मंदसौर,आगर मालवा, धार,तक पहुंच जाएगा और मध्यम से भारी बारिश होगी। प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 5 सितम्बर को अच्छी बारिश हुई। 6 से 13 सितंबर तक पूरे मध्यप्रदेश में बहुत तेज बारिश होने के आसार है।

