रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की यात्रा पर भारत आए हैं। इस दौरान भारत और रूस के बीच पांच S-400 मिसाइल डिफेंस डील पर करार हो गया है। हालांकि भारत का यह सौदा अमरीका से विवाद का कारण भी बन गया है। पांच बिलियन डॉलर की इस मेगा डिफेंस डील पर अमेरिका (काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट) लगा सकता है। वहीं भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद वह इस सौदे पर हस्ताक्षर करेगा। जानिए क्या है एस-400 मिसाइल सिस्टम जिस पर दुनिया की है नजर
लड़ाकू विमानों को दाग सकता है एक साथ
- एस-400 उन्नत मिसाइल रोधी प्रणाली है जो किसी भी प्रकार के हवाई लक्ष्य को मार गिराने में सक्षम है।
- एस-400 अमेरिका निर्मित एफ-35 जैसे 6 लड़ाकू विमानों को एक साथ दाग सकता है।
- यह 400 किलोमीटर की दूरी से भी लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
- यह फायर एंड फॉरगेट की नीति पर काम करता है।
- ये सभी तरह के एयरक्राफ्ट, मिसाइल और बिना इंसान के विमान को ट्रैक कर सकता है।
सभी मिसाइलों को बीच में कर सकता है नष्ट
- एस-400 की मारक क्षमता अचूक है और ये एक साथ तीन दिशाओं में मिसाइल दाग सकता है।
- इसमें एक बैटरी 12 ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर्स से बनती है। सभी बैटरी में एक फायर कंट्रोल रेडार सिस्टम भी निहित होता है।
- इसमें स्टैंड-ऑफ जैमर एयरक्राफ्ट, एयरबोर्न वॉर्निंग और कंट्रोल सिस्टम एयरक्राफ्ट है।
- यह बैलिस्टिक और क्रूज दोनों मिसाइलों को बीच में ही नष्ट कर देगा।
स्कैन कर भेद सकता है निशाना
- एस-400 रोड मोबाइल है और आदेश मिलते ही पांच से 10 मिनट के भीतर इसे तैनात किया जा सकता है।
- यह 360 डिग्री के दायरे में स्कैन कर निशाने को भेद सकता है।
- एस-400 की सबसे बडी खासियत यह है कि इसकी आसान आवाजाही है ।
माना जा रहा है कि भारत के एस-400 हासिल करने से पाकिस्तान और चीन की ताकत प्रभावित होगी। इससे भारत पाकिस्तान की हवाई पहुंच और खासकर लड़ाकू विमान, क्रूज़ मिसाइल और ड्रोन्स के खतरे को नाकाम कर देगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका ट्रैकिंग रेंज 600 किलोमीटर है और 400 किलोमीटर तक मार कर गिराने की क्षमता है। केवल तीन एस-400 में ही पाकिस्तान की सभी सीमाओं की निगरानी की जा सकती है।

