ब्रेकिंग
MP NEWS : समोसे में नशीला पदार्थ मिलाकर गर्भवती हिंदू महिला से 4 मुस्लिम दरिंदे युवकों ने किया गैंगर... वृद्धजनों की बीमारियों का निशुल्क उपचार करवाएगी सरकार : कृषि मंत्री कमल पटेल छगन भुजबल पर समाजिक कार्यकर्ता को जान से मारने की धमकी का आरोप , मामला दर्ज HARDA BIG NEWS : दुष्कर्म के एक सनसनीखेज मामले में आरोपीगण दोषमुक्त, अंतरराष्ट्रीय कराते कोच है नीले... MP BIG NEWS: भोपाल पुलिस की बड़ी कार्यवाही चोरी की 37 बाइक जप्त, 5 आरोपी गिरफ्तार, एक युवक हरदा जिले ... प्रधानमंत्री मोदी आज करेगे 5जी की लांचिंग, देश तकनीक में एक और कदम आगे जानिए ... जीएसटी में 1 अक्टूबर से क्या होगा, नया परिवर्तन कांग्रेस अध्यक्ष की नामांकन प्रक्रिया पूरी,मल्लिकाजुन खड़गे,थशि थरुर और केएन त्रिपाठी में होगा मुकाबल... राजस्व निरीक्षक ने फसल आनावारी हेतु किया फसल कटाई प्रयोग आज दिन शनिवार का राशिफल जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे

रेमंड विवादः जानिए कौन है बेटे को अरबों की संपत्ति देकर पछताने वाले विजयपत सिंघानिया

Header Top

देश की जानी मानी टेक्सटाइल कंपनी रेमंड ब्रांड के संस्थापक और जेके ग्रुप से ताल्लुक रखने वाले विजयपत सिंघानिया आज बेटे से अपने हक की लड़ाई को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने 1925 में रेमंड जैसे ब्रांड की स्थापना की थी और उसे करोड़ों रुपए का ब्रांड बनाया। 3 साल पहले रेमंड ग्रुप का स्वामित्व अपने बेटे गौतम सिंघानिया के हाथों सौंप दिया। तब उन्होंने सोचा था कि अरबों के टेक्सटाइल बिजनेस परिवार के अधीन रह जाएगा लेकिन अब वह अपने फैसले बहुत पछता रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने जिस बेटे को इतना बड़ा कारोबारी साम्राज्य सौंप दिया, उसी ने उन्हें न केवल कंपनी के दफ्तरों से बल्कि अपने फ्लैट से भी निकाल दिया। जानें कौन हैं विजयपत सिंघानिया और क्या हैं इनके शौक?

महंगे शौक के लिए जाने जाते थे विजयपत 
आज अपने बेटे के खिलाफ एक फ्लैट के झगड़े को लेकर कोर्ट पहुंचे विजयपत कभी अपने राजसी अंदाज और ठाठ-बाठ को लेकर जाने जाते थे। विजयपत को हवाई जहाज, हेलिकॉप्टर का शौक था और कई बार अपना जहाज भी वह खुद ही उड़ाते थे। सिंघानिया के नाम 5000 घंटो का फ्लाइट एक्सपीरियंस दर्ज है।

67 की उम्र में अपने नाम दर्ज कराया वर्ल्ड रिकॉर्ड 
कम ही लोगों को पता होगा कि विजयपत के नाम 67 साल की उम्र में हॉट एयर बैलून में दुनिया में सबसे ऊंची उड़ान भरने का रिकॉर्ड दर्ज है।

Shri

जब एयर फोर्स ने एयर कमोडोर की रैंक से किया सम्मानित 
विजयपत सिंघानिया ने साल 1994 में इंटरनैशनल ऐरोनॉटिक फेडरेशन द्वारा आयोजित एयर रेस में गोल्ड जीता। इस रेस में उन्होंने 34 हजार किमी की दूरी 24 घंटों में तय की। उनकी इस जीत पर भारतीय वायु सेना ने एयर कमोडोर की मानद रैंक से उन्हें नवाजा था।

ऐसे शुरू हुआ बेटे से झगड़ा 
विजयपत के लिए मुश्किलें खड़ी होनी तब शुरू हुईं जब उन्होंने अपने 2015 में रेमंड ग्रुप का कंट्रोलिंग स्टेक (50% से ज्यादा शेयर) अपने 37 वर्षीय पुत्र गौतम सिंघानिया को दे दिया। पारिवारिक झगड़े को समाप्त करने के उद्देश्य से वर्ष 2007 में हुए समझौते के मुताबिक विजयपत को मुंबई के मालाबार हिल स्थित 36 महल के जेके हाउस में एक अपार्टमेंट मिलना था। इसकी कीमत बाजार मूल्य के मुकाबले बहुत कम रखी गई थी। बाद में कंपनी गौतम सिंघानिया के हाथों आ गई तो उन्होंने बोर्ड को कंपनी की इतनी मूल्यवान संपत्ति नहीं बेचने की सलाह दी। अब वह कोर्ट के उस हालिया आदेश के तहत बेटे के खिलाफ कदम उठाने की सोच रहे हैं, जिसमें 2007 के कानून के तहत मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं होने की सूरत में अपने बच्चों को उपहार में दी गई संपत्ति वापस लेने का अधिकार दिया गया है।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!