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AAP में फिर मचा घमासान- अलका लांबा ने शायरी से बयां किया दर्द, बढ़ीं अटकलें

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नई दिल्ली: दिल्ली की सातों सीटों पर इस साल होने वाले आम चुनावों में किस्मत आजमाने की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी में घमासान मचता हुआ नजर आ रहा है। हालिया घटनाओं से जो संकेत उभर रहे हैं वे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ाते दिख रहे हैं। ताजा मामला चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा से जुड़ा है। वैसे लांबा इससे पहले भी कई मौकों पर पार्टी लाइन से अलग बयानबाजी कर सुर्खियां बटोर चुकी हैं लेकिन इस बार उनके पर्सनल ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट से उनका दर्द छलक पड़ा है।
ट्विटर पर शायरी ने बढ़ाई अटकलें
आम आदमी पार्टी से पहले 20 सालों तक कांग्रेस में रही अलका लांबा के एक ट्वीट ने उनकी घर वापसी की अटकलों को तेज कर दिया है। लांबा ने 1 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात की फोटो ट्विटर पर शेयर की थी। हाल ही में उन्होंने एक शायरी ट्वीट की है जिसके राजनीतिक हलकों में कई मायने निकाले जा रहे हैं:

‘‘हम उनसे मिले भी न थे
फिर भी बदनाम हो गए,
सोचा अब बदनाम हो ही चुके हैं,
तो क्यों न उनसे मिलने का मजा चख ही लिया जाए।’’

इसके बाद से उनके कांग्रेस में लौटने की चर्चा तेज हो गई है। 2015 में आप से विधायक बनी लांबा यदि कांग्रेस में वापसी करती हैं तो इससे निश्चित ही पार्टी की चिंता बढ़ जाएगी।
पार्टी नेतृत्व से तनातनी बरकरार
व्हाट्सएप ग्रुप से किया बाहर

दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों के प्रभारियों और कार्यकर्त्ताओं के साथ आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार की रणनीति के साथ ही कार्यकर्त्ताओं में जोश भरने का काम किया जा रहा है। हालांकि लांबा इनमें से किसी भी बैठक में अब तक शामिल नहीं हुई हैं। 12 जनवरी को शाम 6 बजे के बाद मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई। इस बैठक में अरविंद केजरीवाल मौजूद नहीं थे लेकिन मंच पर दिल्ली प्रदेश संयोजक के साथ चांदनी चौक लोकसभा के प्रभारी पंकज गुप्ता मौजूद थे। बता दें कि दिल्ली की हर लोकसभा सीट में 10 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभा सीटों आदर्श नगर, शालीमार बाग, शकूर बस्ती, त्री नगर, वजीरपुर, मॉडल टाऊन, सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमरान शामिल हैं। बैठक में लांबा को छोड़कर बाकी सभी विधायक शामिल थे। इससे पहले भी अलका लांबा 29 दिसम्बर, 2018 को अरविंद केजरीवाल के घर हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नहीं पहुंची थीं। लांबा के नजदीकियों की मानें तो उन्हें पार्टी नेतृत्व की तरफ से बनाए गए तमाम व्हाट्सएप ग्रुप से भी हटा दियाया है।

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केजरीवाल पर लगाया था इस्तीफा मांगने का आरोप
पिछले कुछ दिनों से अलका लांबा आम आदमी पार्टी में अलग-थलग चल रही हैं। लांबा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खिलाफ आप विधायक द्वारा दिल्ली विधानसभा में लाए गए भारत रत्न सम्मान वापसी प्रस्ताव का विरोध किया था। तब अलका लांबा ने कहा था कि मुझे जब प्रस्ताव पारित होने की जानकारी मिली तो मैंने इस पर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से बात की। उन्होंने बताया कि केजरीवाल ने मुझसे विधायक पद से इस्तीफा देने को कह दिया है। इसलिए मैं पार्टी प्रमुख के आदेश का पालन करते हुए इस्तीफा देने जा रही हूं। हालांकि बाद में आम आदमी पार्टी ने सफाई देते हुए कहा कि लांबा से इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है।
प्रवक्ता पद से हो चुकी हैं सस्पैंड
अगस्त 2015 में चांदनी चौक विधानसभा के कश्मीरी गेट इलाके में नशे से आजादी अभियान दौरान लांबा ने पत्थर से चोट लगने के बाद पुलिस की मौजूदगी में खुद पर हमला होने का आरोप लगाया था। हालांकि सी.सी.टी.वी. फुटेज में अलका खुद पुलिस से भिड़ती नजर आ रही थीं। इस मामले में उनके खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था। इसी तरह परिवहन मंत्री गोपाल राय के परिवहन मंत्रालय छोडऩे के मुद्दे पर भी अलका ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया था। इसके बाद उन्हें पार्टी के प्रवक्ता पद से 2 महीने के लिए सस्पैंड कर दिया गया था। दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों में हार के लिए पार्टी ने जहां ई.वी.एम. को दोष दिया था, वहीं लांबा ने ई.वी.एम. हैक होने की बात से इन्कार कर दिया था। लांबा लाभ के पद मामले में आरोपी 20 विधायकों में भी शामिल रही हैं।

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