ब्रेकिंग
HARDA BIG NEWS: स्कूल की छात्रा से मनचले दो युवको ने की छेड़छाड़, रास्ता रोका बोला में तुमसे शादी करना... स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता हुई आयोजित, पैरंट्स को दिए टिप्स चांदनी चौक मित्र मंडल द्वारा भव्य पंडाल में माँ दुर्गा की स्थापना, होंगे रास गरबा धार्मिक नगरी में नवरात्र की धूम : पहले दिन पांडालों में विराजी मां दुर्गा की प्रतिमाएं अम्बा में सांसद विधायक ने नलजल योजना का भूमिपूजन व सेवा सहकारी संस्था भवन का किया लोकार्पण देवतालाब में क्लस्टर स्तरीय क्रेडिट कैंप संपन्न स्वस्थ बालक बालिका स्पर्धा सम्पन्न पी.एम. सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत मिलेगी आर्थिक सहायता टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में मिलेगा 1 लाख रूपये तक का ऋण सीएम हेल्पलाइन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी सम्मानित

चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची कच्चे तेल की कीमतें

Header Top

नई दिल्लीः ईरान पर अमरूकी प्रतिबंध के अगले माह से लागू होने के दबाव में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई। ईरान पर अगले माह चार नवंबर से अमेरिका का प्रतिबंध लागू हो जायेगा। ईरान पर प्रतिबंध के कारण तेल बाजार में आपूर्ति संकट की चिंता बढ़ रही है। इन चिंताओं के बीच लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा आज कारोबार के दौरान 0.4 प्रतिशत की तेजी में 85.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया।

क्यो आया कीमतो में उछाल 
अमरीका का कच्चा तेल वायदा भी 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँच गया, जो नवंबर 2014 के बाद का उच्चतम स्तर है।  पूरी दुनिया में प्रतिदिन करीब 10 करोड़ बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। ईरान ने इस साल इसके तीन फीसदी हिस्से की आपूर्ति की। लेकिन, प्रतिबंध की तारीख नजदीक आने से पहले ही अन्य देशों ने ईरान से खरीद कम करनी शुरू कर दी जिससे इसका निर्यात तीन साल के निचले स्तर 16 लाख बैरल प्रतिदिन पर आ गया।

अमरीका ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक और रूस से आग्रह किया था कि वे इस संकट को देखते हुए अपने उत्पादन में बढ़ोतरी करें। हालांकि अमेरिका ने आपूर्ति बढ़ाने के लिये खुद अपने रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के इस्तेमाल से इनकार कर दिया। रूस ने इस बीच सितंबर में अपने उत्पादन में तेजी लायी और यह करीब 1.14 करोड़ बैरल प्रतिदिन पर पहुँच गया। इससे पहले अगस्त में रूस का तेल उत्पादन 1.12 करोड़ बैरल प्रतिदिन रहा था।

Shri

कारोबारियों की नजर लगातार बाजार पर बनी हुई है कि कैसे ओपेक देश और अमेरिका आपूर्ति संकट से निपटेंगे। विश्लेषकों के मुताबिक, यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो वैश्विक आर्थिक विकास दर प्रभावित होगी।   अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के लिए ओपेक और रूस की निंदा की थी और कहा था कि ओपेक और उसके सदस्य देश पूरी दुनिया को लूट रहे हैं, जो अमेरिका को पसंद नहीं है। हालांकि फिर गत शनिवार को इसी सिलसिले में  ट्रंप ने सऊदी अरब के शाह सलमान से बात की कि कैसे ईरान पर प्रतिबंध के कारण आने वाले आपूर्ति संकट से निपटा जाएगा।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!