ब्रेकिंग
असम CM बोले- कोरोना वैक्सीन न लगवाने वाले सार्वजनिक जगहों पर नहीं जा सकेंगे...वो घरों में ही रहें पुलिस के पैरो तले निकली जमीन, जब अस्पताल में दफन मिली भ्रूण की 12 खोपड़ी और 54 हड्डियां बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर तीन भाइयों की पिटाई बिलासपुर नगर निगम की कार्ययोजना तैयार, अब नाम के अनुरूप होगा हाईटेक बस स्टैंड छत्‍तीसगढ़ में कृषि मंत्री बोले- उद्यानिकी फसलों के लिए किसानों को करें प्रोत्साहित कोरोना का असर- ​छत्तीसगढ़ में अब होटल संचालकों को बताना होगा किस व्यंजन में कितना न्यूट्रीशन अचानकमार टाइगर रिजर्व में कोरोना की दस्तक, सीसीएफ हुए संक्रमित बस्तर में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ जारी, बीजापुर में 4 नक्सलियों को मार गिराया छत्‍तीसगढ़ के पूर्व सीएम डा. रमन ने कर्ज को लेकर सरकार को घेरा ट्रेनें रद, आर्थिक संकट से जूझ रहे बिलासपुर जोनल स्टेशन के कुली

राम मंदिर निर्माण के लिए VHP की नई रणनीति, सभी राज्यों के राज्यपालों को सौंपेगे ज्ञापन

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर विवाद गहराता ही जा रहा है। अब विश्व हिन्दू परिषद जागरूकता फैलाने एवं जनमत तैयार करने के लिये इस सप्ताह से देश के हर राज्य के राज्यपाल को ज्ञापन देगी और संसद में कानून बनाने के लिये नवंबर में सांसदों पर दबाव बनायेगी। विश्व हिन्दू परिषद के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने इसकी जानकारी दी।
विहिप के कार्याध्यक्ष ने बताया कि राम मंदिर का चुनाव से कोई संबंध नहीं है बल्कि यह करोड़ों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा विषय है । सभी कानूनी बाधाओं को दूर करते हुए राम मंदिर का जल्द से जल्द निर्माण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके दो रास्ते हैं। पहला रास्ता है कि इस विषय पर उच्चतम न्यायालय निर्णय करे और दूसरा रास्ता संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण करने का है । उन्होंने कहा कि हमें नहीं मालूम कि उच्चतम न्यायायल इस बारे में कब तक फैसला करेगा । इसलिये हम कानून बनाकर मंदिर निर्माण करने के लिये जनता की ओर से दबाव बनाने का काम कर रहे हैं ।
आलोक ने बताया कि नवंबर में देशभर में विहिप कार्यकर्ता क्षेत्र की जनता के साथ अपने सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों से मिलेंगे और राम मंदिर निर्माण के लिये कानून बनाने पर जोर देंगे। दिसंबर में राम मंदिर निर्माण के लिये देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर यज्ञ, पूजा और अनुष्ठान होंगे ।

आलोक कुमार ने कहा कि प्रयाग में कुंभ के दौरान 31 जनवरी से फरवरी के पहले सप्ताह तक आयोजित होने वाली धर्म संसद में स्थिति की समीक्षा होगी और आगे की रणनीति तय की जायेगी । बता दें कि विश्व हिन्दू पारिषद ने राम मंदिर पर आगे की रणनीति पर विचार के लिये पांच अक्टूबर को संतों की उच्चाधिकार समिति की बैठक बुलाई थी जिसमें संतों ने इस वर्ष के अंत तक कानून बनाने का मार्ग प्रशस्त करने को कहा था ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!