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#MeToo: अकबर के खिलाफ इंडियन वूमेन्स, राष्ट्रपति को खत लिखकर पद से हटाने की मांग की

नई दिल्लीः विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर यौन उत्पीड़न मामले लगातार आरोपों से घिरते जा रहे हैं। यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के समर्थन में  ‘द एशियन एज’ अखबार में काम कर चुकीं 20 महिला पत्रकार सामने आई हैं। वहीं महिला पत्रकारों के एक पैनल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खत लिखकर अकबर के खिलाफ एक्शन और उनको पद से हटाने की मांग की है। दूसरी तरफ एक प्रमुख महिला संगठन ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और मेनका गांधी को पत्र लिखकर एमजे अकबर के खिलाफ निष्पक्ष जांच के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की।
इंडियन वूमेन्स प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) ने पत्र में आश्चर्य जताया कि अकबर के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद सरकार ने किसी भी स्तर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों की औपचारिक जांच शुरू नहीं करवाई है।
आईडब्ल्यूपीसी अध्यक्ष टी.के. राजलक्ष्मी और महासचिव रविंदर बावा के हस्ताक्षर से जारी हुए पत्र में कहा गया है, ‘‘एक मंत्री के खिलाफ विशिष्ट आरोपों की जांच के अलावा सरकार को पता लगाना चाहिए कि क्या मीडिया संगठनों ने यौन उत्पीडऩ से निपटने के लिए कानून के मुताबिक प्रभावी व्यवस्था की है।’’ राजनाथ और मेनका को अलग-अलग लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए आपका हस्तक्षेप तभी संभव है जब मंत्री नैर्सिगक न्याय के हित में अपने पद को छोड़ देते हैं।

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