लाइलाज बीमारी के ठीक होने के उम्मीद: अब जोड़ों के दर्द की छुट्टी, स्टेम सेल से कार्टिलेज बनाने में मिली सफलता, इससे लंगड़ा चूहा भी सही चलने लगा

Header Top

बढ़ती उम्र के साथ शरीर में जोड़ों का दर्द आम बात है। जोड़ो के बीच गद्दी की तरह काम करने वाले कार्टिलेज खत्म होने से जोड़ एक दूसरे से टकराते हैं और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी दर्दनाक समस्या होने लगती है। अब तक यह माना जाता रहा है कि एक बार कार्टिलेज घिस जाए या खत्म हो जाए तो दोबारा नहीं बनते। लेकिन अब स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के ताजा शोध से बड़ी उम्मीद जगी है।

चूहों के जोड़ों में नए कार्टिलेज विकसित करने में मिली सफलता

नेचर मेडिसिन में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक वैज्ञानिकों ने आर्थराइटिस से पीड़ित चूहों के जोड़ों में नए कार्टिलेज विकसित करने में सफलता हासिल कर ली है। इसके लिए स्टेम सेल का इस्तेमाल किया गया, वह हड्डियों के कोनों में निष्क्रिय पड़ी थी। वैज्ञानिकों ने इन्हें जागृत किया और विकसित होने के लिए प्रेरित किया। वैज्ञानिकों के मुताबिक नया शोध ऐसे चूहों पर किया गया, जिनके घुटनों में आर्थराइटिस था। प्रयोग में ऐसे चूहे भी शामिल किए, जिन्हें मानव हड्डी प्रत्यारोपित की गई थी। दोनों स्थितियों में सामान्य कार्टिलेज विकसित हुए। पहला चूहा ठीक से चल नहीं पाता था। कार्टिलेज विकसित होने के बाद उसका लंगड़ापन खत्म हो गया और उसने मुंह बनाना भी बंद कर दिया।

Shri

भारत में हर साल 1.5 करोड़ वयस्क ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित

शोधकर्ताओं का कहना है कि अब वे बड़े जानवरों में इन कार्टिलेज को विकसित करके देखेंगे। उम्मीद है कि इसके निष्कर्ष इंसानों में आर्थराइटिस के इलाज का मार्ग प्रशस्त करेंगे। मालूम हो, डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 60 साल से ज्यादा उम्र के 9.6 फीसदी पुरुष और 18 फीसदी महिलाएं ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित होती है। डॉक्टरों का दावा है कि भारत में हर साल 1.5 करोड़ वयस्क ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित होते हैं। 2025 तक ऐसे छह करोड़ केस के साथ भारत ऑस्टियोआर्थराइटिस की कैपिटल बन सकता है।

इससे महिलाएं ज्यादा प्रभावित शुरुआत में इलाज हो सकेगा

2018 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के चार्ल्स वॉक फई चान ने हड्डियों में ऐसी सुप्त स्टेम सेल खोजी थी, जिनसे कार्टिलेज विकसित हो सकते थे। चुनौती यह थी कि इन्हें जागृत कैसे किया जाए। ताजा शोध के अगुवा डॉ माइकल लोंगाकर ने तीन चरण खोजें। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इंसानों में बीमारी के शुरुआती चरण में ही इलाज हो सकेगा।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!
ब्रेकिंग
Professional Writers For Hire Help With Writing Assignments Things to Know Before You Buy Term Paper शहर में गली कोनों में संचालित हो रही है अवैध मांस दुकानें, निगम के जम्मे‌दार अफसर आंख बंद कर जेब गरम... प्रसूता की बिगड़ी हालत, बल्‍लियों पर लटकाकर 03 किमी पैदल चले ग्रामीण, तब मिला अस्‍पताल पहुंचने का सा... Harda news : कमल पटेल ने वायरल वीडियो के आरोपों को नकारा ! कहा आरोप सिद्ध करें नहीं तो करेंगे मानहान... अगले 3 दिनों के दौरान इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना युवाओ को चिकित्सा क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए हरदा में ही कोर्स उपलब्ध , भगवान श्रीकृष्ण के जन्म उत्सव हर्ष उल्लास के साथ मनाया ‘ग्रेजुएट चायवाली’ के स्टॉल पर नगर निगम ने चलाया बुलडोजर, फूट-फूटकर रो पड़ी प्रियंका, देखें वीडियो… महिला कॉन्सटेबल ने छात्र को प्रेम जाल में फंसाया, फिर शादी की…और लूट लिए लाखों रुपये के साथ जेवरात…