संपादकीय : आतंकियों की जमीन

Header Top
बहुत दिन नहीं हुए, जब भारत की एक पहचान यह भी थी कि दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश होने के बावजूद यहां का एक भी मुस्लिम अलकायदा का सदस्य नहीं है, लेकिन स्थिति किस तरह बदल गई, इसका ताजा प्रमाण है राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआइए की ओर से केरल और बंगाल में इस आतंकी संगठन के नौ सदस्यों की गिरफ्तारी। ऐसे तत्वों की गिरफ्तारी का यह पहला मामला नहीं। अलकायदा के साथ-साथ एक अन्य खूंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के आतंकी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कुछ समय पहले ही बेंगलुरु में इस्लामिक स्टेट के खुरासान गुट के लिए काम करने वाले एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया था। एक तथ्य यह भी है कि भारत के विभिन्न् हिस्सों से अफगानिस्तान और सीरिया गए कई आतंकी मारे भी जा चुके हैं। इनमें से कई अच्छे-खासे पढ़े-लिखे और संपन्न् परिवारों के थे। गत दिवस केरल और बंगाल से गिरफ्तार आतंकी भी शिक्षित बताए जा रहे हैं। इसका मतलब तो यही है कि इस मिथ्या धारणा के लिए अब कोई स्थान नहीं रह गया है कि जहालत और गरीबी मुस्लिम युवाओं को आतंकवाद की ओर मोड़ रही है। वास्तव में यह मजहबी कट्टरता और धर्मांधता है, जो जिहादी आतंकवाद को खाद-पानी दे रही है। इसमें एक बड़ी भूमिका इंटरनेट और खासकर सोशल मीडिया निभा रहा है।
भले ही सोशल मीडिया कंपनियां आतंकी तत्वों को हतोत्साहित करने की नीति पर चलने का दावा करती हों, लेकिन सच यह है कि उनका ऐसे तत्वों पर कहीं कोई अंकुश नहीं। कभी-कभी तो यह लगता है कि इसमें उनकी कोई दिलचस्पी ही नहीं कि आतंकी गुट उनका फायदा न उठाने पाएं। यह किसी से छिपा नहीं कि किस्म-किस्म के आतंकी समूह और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। केरल और बंगाल से गिरफ्तार आतंकी सोशल मीडिया के जरिये ही पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं से जुड़े थे।
Shri
इस बारे में जरूरी जानकारी अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विश्ोष रूप से एफएटीएफ को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस संगठन को उस रपट से भी परिचित कराया जाना चाहिए, जो यह कहती है कि खालिस्तानी आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, लेकिन इसी के साथ घरेलू मोर्चे पर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक नेताओं को उन कारणों का निवारण करने के लिए आगे भी आना होगा, जो आतंक की जमीन तैयार कर रहे हैं। यह ठीक नहीं कि संकीर्ण राजनीतिक कारणों से आतंकी संगठनों के प्रति मुस्लिम युवाओं के झुकाव की या तो अनदेखी कर दी जाती है या फिर उन्हें बेगुनाह बताने का अभियान छेड़ दिया जाता है। वास्तव में इसी रवैये के कारण देश के कुछ हिस्सों में आतंकियों की जमीन तैयार हो रही है।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!
ब्रेकिंग
हंडिया : सरस्वती शिशु मंदिर में उत्साह से मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी ग्रामीण 2 माह से बिजली की समस्या से हो रहे परेशान अंधविश्वास : 12 वर्षीय मासूम की मिली संदिग्ध लाश, शरीर पर मिले दागने के निशान,मृतक मासूम हरदा जिले क... Professional Writers For Hire Help With Writing Assignments Things to Know Before You Buy Term Paper शहर में गली कोनों में संचालित हो रही है अवैध मांस दुकानें, निगम के जम्मे‌दार अफसर आंख बंद कर जेब गरम... प्रसूता की बिगड़ी हालत, बल्‍लियों पर लटकाकर 03 किमी पैदल चले ग्रामीण, तब मिला अस्‍पताल पहुंचने का सा... Harda news : कमल पटेल ने वायरल वीडियो के आरोपों को नकारा ! कहा आरोप सिद्ध करें नहीं तो करेंगे मानहान... अगले 3 दिनों के दौरान इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना युवाओ को चिकित्सा क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए हरदा में ही कोर्स उपलब्ध ,