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सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश के विरोध के पीछे भाजपा : माकपा

नई दिल्ली : माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने जिस तरह से सबरीमला मंदिर मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है उससे स्पष्ट हो गया है कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के विरोध में होने वाले हिंसात्मक प्रदर्शनों के पीछे भाजपा का हाथ है। माकपा पोलित ब्यूरो ने रविवार को एक वक्तव्य जारी कर अमित शाह के केरल में दिए गए भाषण की आलोचना करते हुए कहा है कि उनके उकसावे के कारण ही स्वामी संदीपानंद गिरि के आश्रम पर हमला किया गया है और माकपा इसकी निंदा करती है।

भाजपा अध्यक्ष के भाषण से साफ है कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं को न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करने के लिए उकसा रहे हैं। वक्तव्य में कहा गया है कि अमित शाह के भाषण में जिस तरह से न्यायालय के आदेश का उपहास किया गया है वह भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संविधान और न्यायालय की अवमानना की प्रवृति को दिखाता है। न्यायालय के फैसले को लागू करने पर केरल सरकार को दी गई धमकी से भी अमित शाह के अलोकतांत्रिक और निरंकुश रवैये का पता चलता है।

पोलित ब्यूरो ने कहा है कि उसे विश्वास है कि केरल के लोग भाजपा और संघ की विध्वंसक राजनीति को खारिज कर देंगे। माकपा भाजपा के महिला विरोधी रवैये का देश भर में पर्दाफाश करेगी। पार्टी केरल सरकार के हिंसा रोकने और न्यायालय के फैसले का विरोध करने वालों के हंगामे पर रोक लगाने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना करती है।

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