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ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई, भारत पर भी संकट के बादल

लॉस एंजिलिसः ट्रेड वॉर के चलते अमेरिका ने अपना अगला कड़ा कदम उठाते हुए आधी रात से ईरान पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लागू कर दिए, जिससे ईरान की बेचैनी बढ़ गई है। ईरान को डर है कि इसके बाद लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पहले से और मुश्किल हो जाएगी। अमेरिका द्वारा लगाए गए बैन की वजह से ईरान में सोमवार आधी रात से कच्चे माल की दिक्कत होने से उद्योग-धंधे ठप्प हो सकते हैं। जीवन रक्षक दवाओं को खरीदना भी मुश्किल होगा। इसे ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी दंडात्मक कार्रवाई  माना जा रहा है। इन प्रतिबंधों के कारण भारत पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान के तेल का सबसे बड़ा आयातक होने की वजह से भारत भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है। इससे बचने के लिए भारत को या तो अमेरिका से छूट चाहिए या उसे ईरान से तेल का आयात बंद करना होगा। गौरतलब है कि भारत और चीन जैसे देशों के ईरान से तेल आयात जारी रखने के बारे में पूछे जाने पर ट्रम्प ने कहा है कि हम उन्हें देख लेंगे, जो ईरान से कच्चा तेल खरीद रहे हैं।राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्प ने कहा कि 5 नवंबर को ईरान के खिलाफ सभी प्रतिबंध फिर से पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे, जिन्हें परमाणु समझौते के कारण हटा दिया गया था। ईरान के साथ परमाणु समझौते से अलग होने के बाद ट्रम्प ने सभी देशों से ईरान से तेल का आयात बंद करने या प्रतिबंधों का सामना करने की चेतावनी दी थी। ईरान के एक स्कूल में पढ़ाने वाले पेचमान सरफनेजाद का कहना है कि वह कल्पना भी नहीं कर सकते कि इतनी तेजी से कीमतें बढ़ेंगी। समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें, क्योंकि वे बच्चों के लिए चावल भी खरीद पाने में सक्षम नहीं हैं और किराया भी नहीं दे पा रहे हैं। बता दें कि हाल ही में ट्रम्प ने कहा था कि ईरान पर 5 नवंबर से लागू होने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों का बड़ा असर होगा। उन्होंने ईरान की मौजूदा सरकार को ‘भ्रष्ट’ बताया था और कहा था कि यह ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी दंडात्मक कार्रवाई है। ट्रम्प ने कहा था कि ईरान अब वैसा देश नहीं रह गया है, जैसा उनके पदभार ग्रहण करने के समय करीब दो साल पहले हुआ करता था। इसलिए उसे सबक सिखाना जरूरी है।

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