ब्रेकिंग
शीतकालीन सत्र तक बनकर तैयार हो जाएगी नई संसदः केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी अमित शाह का बड़ा बयान- कैराना में लोगों ने कहा...'हमें पलायन करने वाले खुद पलायन हो गए' यूपी चुनाव: कम जीत के अंतर वाली इन 47 विधानसभा सीटों पर पार्टियों का खास ध्यान निधन के छह माह बाद कांग्रेस सांसद राजीव सातव के पक्ष में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने दिया निर्णय, ज... UP विस चुनावः बीजेपी और जदयू अलग- अलग लड़ेंगी चुनाव, JDU ने जारी की 26 सीटों की पहली लिस्ट पूर्वी चंपारण में वृद्ध व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, एक सप्ताह पूर्व मिला था धमकी भरा पत्र वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं को दिखा आलौकिक नजारा, सफेद चादर से ढ़क गया मां का भवन- सांझी छत और भैरो ... दिल्ली में कोरोना के नए मामलों में उछाल, पॉजिटिविटी रेट में आई बड़ी गिरावट वीकेंड कर्फ्यू समेत कई प्रतिबंधों से दिल्ली के कारोबारी परेशान, उठाए ये कदम तो लाखों लोग होंगे परेशा... बीटिंग द रिट्रीट: अब इतिहास हो जाएगी महात्मा गांधी की यह फेवरेट धुन, इसकी जगह बजेगा यह संगीत

अयोध्या विवाद मामले में SC ने याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई से किया इंकार

अयोध्याः सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सोमवार को याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई से इंकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा कि उसने पहले ही अपीलों को जनवरी में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध कर दिया है। अखिल भारतीय ङ्क्षहदू महासभा की ओर से उपस्थित अधिवक्ता बरूण कुमार के मामले पर शीघ्र सुनवाई करने के अनुरोध को खारिज करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘हमने आदेश पहले ही दे दिया है। अपील पर जनवरी में सुनवाई होगी। अनुमति ठुकराई जाती है।’’

शीर्ष अदालत ने इससे पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को जनवरी के पहले सप्ताह में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध किया था। वह पीठ मामले पर सुनवाई की तारीख के बारे में फैसला करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार और रामलला की ओर से उपस्थित सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता सी एस वैद्यनाथन ने लंबे समय से मामले के लंबित रहने का हवाला देते हुए अपीलों को शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था। इससे पहले 2:1 के बहुमत से तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 1994 के एक फैसले में शीर्ष अदालत द्वारा की गई उस टिप्पणी पर पुर्निवचार करने से इंकार कर दिया था जिसमें कहा गया था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है। यह मुद्दा अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था।

तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने तब कहा था कि दीवानी वाद पर साक्ष्यों के आधार पर फैसला किया जाएगा। पीठ ने यह भी कहा था कि इस मामले में पिछले फैसले की कोई प्रासंगिकता नहीं है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ कुल 14 अपील दायर हैं। उच्च न्यायालय ने चार दीवानी मुकदमों पर अपने फैसले में 2.77 एकड़ जमीन को तीनों पक्षों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!