ब्रेकिंग
शीतकालीन सत्र तक बनकर तैयार हो जाएगी नई संसदः केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी अमित शाह का बड़ा बयान- कैराना में लोगों ने कहा...'हमें पलायन करने वाले खुद पलायन हो गए' यूपी चुनाव: कम जीत के अंतर वाली इन 47 विधानसभा सीटों पर पार्टियों का खास ध्यान निधन के छह माह बाद कांग्रेस सांसद राजीव सातव के पक्ष में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने दिया निर्णय, ज... UP विस चुनावः बीजेपी और जदयू अलग- अलग लड़ेंगी चुनाव, JDU ने जारी की 26 सीटों की पहली लिस्ट पूर्वी चंपारण में वृद्ध व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, एक सप्ताह पूर्व मिला था धमकी भरा पत्र वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं को दिखा आलौकिक नजारा, सफेद चादर से ढ़क गया मां का भवन- सांझी छत और भैरो ... दिल्ली में कोरोना के नए मामलों में उछाल, पॉजिटिविटी रेट में आई बड़ी गिरावट वीकेंड कर्फ्यू समेत कई प्रतिबंधों से दिल्ली के कारोबारी परेशान, उठाए ये कदम तो लाखों लोग होंगे परेशा... बीटिंग द रिट्रीट: अब इतिहास हो जाएगी महात्मा गांधी की यह फेवरेट धुन, इसकी जगह बजेगा यह संगीत

अस्पताल में सुविधाओं की कमी, मासूम का शव बाईक से ले जाना पड़ा घर

बैतूल: स्वस्थ्य सुविधाओं के दावें करने वाली सरकार खोखलें वादों की पोल जिला अस्पताल में खुली जब एक मासूम की मौत के बाद उसकी लाश को घर ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला। परिजन बाइक पर ही मासूम के शव को घर ले गए।
जानकारी के अनुसार, 5 वर्षिय रितेश दहीकर चूल्हे के पास खेल रहा था।अचानक उसके कपड़ों में आग लग गई। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। इलाज के लिए घरवालों ने उसे जिला अस्पताल दाखिल करवाया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जब घरवालों ने शव वाहन की डिमांड की तो नर्स ने कहा कि अभी 6 घंटे तक वाहन खाली नहीं है। जिसके कारण परिवार वाले शव को बाईक से ही घर ले गए। बता दें कि अस्पताल में मरीज की मौत हो जाने पर शव घर ले जाने के लिए कोई साधन नहीं है। रेडक्रास सोसायटी एवं समाजसेवी संस्था अपने खर्च पर लोगों को शव वाहन उपलब्ध कराती है। इसमें जिला अस्पताल का कोई लेन-देन नहीं है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!