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सोयाबीन का बीज नहीं, इसलिए मक्का, ज्वार की बोवनी की तैयारी में जुटे किसान

मकड़ाई समाचार मुंगावली। इस साल समय से पहले ही मानसून के आने से किसानों ने अपने खेतों में बखरनी कर इन्हें बोवनी के लिए तैयार कर लिया है। लेकिन अब किसानों के सामने बीज का संकट खड़ा हो गया है। इन्हें न तो सोसाइटी और न ही कृषि विभाग के पास से सोयाबीन का बीज मिल रहा है। इसके अलावा अन्य बीजों का भी टोटा है। ऐसे में किसानों ने इस साल मक्का और ज्वार की बोवनी करने की तैयारी कर ली है।

पिछले वर्ष क्षेत्र भर में सोयाबीन की फसल अच्छी नहीं होने से किसानों ने स्वयं का बीज भी इस वर्ष नहीं कर पाया है, जिससे सोयाबीन बोने वाले किसानों को बाहर से 8 से 12 हजार रुपए क्विंटल से भी ज्यादा महंगा बीज लाकर बोवनी करना पड़ेगी, जो हर किसान के बस की भी बात नहीं है। हर वर्ष सोसाइटी से कृषकों को क्रेडिट पर भी बीज मिल जाता था, लेकिन इस वर्ष सोसायटी के पास भी बीज नहीं आने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोसायटी के प्रबंधक ओपी जैन ने बताया कि इस बार हमारे पास बीज ही नहीं आया है व किसान भी आफिस के चक्कर काट रहे हैं। वही नगर के कृषि विभाग में भी जो पात्र हितग्राहियों के लिए मूंग, मक्का आदि की मिनी किटे आतीं थीं, वह भी नही आई हैं। केवल उड़द की 120 किट ही उपल्बध हो पाईं हैं।

पड़ोसी जिलों से लाना पड़ रहा है बीज :

पिछले वर्ष क्षेत्र में सोयाबीन की फसल प्राकृतिक आपदा से खराब हो जाने से किसानों ने स्वयं का सोयाबीन का बीज नहीं रख पाया था। वहीं मार्केट में बीज 8 से 12 हजार प्रति क्विंटल से ज्यादा मिलने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है, जिससे किसान हताश होकर अशोकनगर, गुना, ललितपुर सागर आदि के चक्कर लगा रहे हैं।

इनका कहना :

– जो भी किसान भाई बीज बाहर से ला रहे हैं। वह बीज का अंकुरण एवं ग्रेडिंग बीज उपचार कर ही बुवाई करें।

एसवी बादल, बरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी मुंगावली

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