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जानिए क्या है कोरोना का नया डेल्‍टा+ वैरिएंट, तीसरी लहर की वजह तो नहीं बनेगा?

मकड़ाई समाचार नई दिल्ली। देश में कोरोना लहर की दूसरी लहर समाप्त होने के साथ ही अब जल्द ही कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का खतरा भी बढ़ते जा रहा है। इस बीच कोरोना वायरस के नए वेरिएंट डेल्टा प्लस का संक्रमण भी लगातार बढ़ते जा रहा है। हेल्थ विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर जल्द आ सकती है और सरकार की भी चिंता है कि कहीं कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट तीसरी लहर के लिए जिम्मेदार न हो। फिलहाल डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले सिर्फ महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश में मिले हैं और इसके तेजी से फैलने की आशंका भी जताई जा रही है। गौरतलब है कि केंद्र सरकरा ने भी कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट को फिलहाल ‘वैरिएंट आफ इंटरेस्ट’ (Variant of Interest) की श्रेणी में रखा है। आइए जानते हैं आखिर कोरोना वायरस का नया डेल्टा प्लस वैरिएंट क्या है और तीसरी लहर के आने के पीछे का प्रमुख कारक के रूप में देखा जा रहा है –

डेल्टा वेरिंएट के काफी करीब है डेल्टा प्लस वेरिएंट

देश में कोरोना संक्रमण की लहर ने कोहराम मचा दिया था। कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के कारण भारत में दूसरी लहर आई थी और अब डेल्टा प्लस वेरिएंट भी उससे काफी मिलता-जुलता है और काफी तेजी से बढ़ता है। डेल्टा प्लस वेरिएंट को AY.1 नाम भी दिया गया है। यह डेल्टा वैरिएंट के म्यूटेशन से ही तैयार हुआ है

बेहद खतरनाक हो सकता है डेल्टा प्लस वेरिएंट

कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर फिलहाल वैज्ञानिकों के पास ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस वेरिएंट को लेकर लगातार शोध हो रहे हैं। भारत में फिलहाल इसके सिर्फ 40 मामले ही दर्ज किए गए हैं। वैज्ञानिकों ने स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेशन के कारण इसके खतरनाक रूप धारण करने की आशंका जताई है। इस वैरिएंट की गंभीरता को देखते केंद्र सरकार ने भी उन तीन राज्यों को एडवाइजरी जारी कर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है, जहां इस वेरिएंट के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।

डेल्टा प्लस वेरिएंट के भारत में फिलहाल 40 मामले

भारत में डेल्टा प्लस वेरिएंट के फिलहाल 40 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। महाराष्ट्र, केरल, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले ज्यादा निकले हैं। डेल्टा प्लस वेरिएंट के भारत में जो मामले मिले हैं उनमें महाराष्ट्र के दो जिलों रत्नागिरी और जलगांव में 16 मामले आए हैं। बाकी तमिलनाडु. केरल और मध्य प्रदेश में मिले हैं। भारत में डेल्टा प्लस वेरिएंट का पहला केस मध्यप्रदेश के भोपाल में सामने आया था। भोपाल में 65 साल की महिला में य़े वैरिएंट सबसे पहले पाया गया था।

अभी तक 9 देशों में मिल चुका है डेल्टा प्लस वैरिएंट

डेल्टा प्लस वैरिएंट फिलहाल भारत समेत नौ देशों-अमेरिका, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, पुर्तगाल, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा प्लस वेरिएंट को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ घोषित नहीं किया है, लेकिन दुनिया के कई देशों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले अब सामने आने लगे हैं।

भारत में 10 प्रयोगशालाएं कर रही वेरिएंट की पहचान

गौरतलब है कि भारत में कोरोना के वैरिएंट की पहचान के लिए 10 प्रयोगशालाओं का एक कंसोर्टियम बनाया था। मई में इसमें 18 और प्रयोगशालाओं को जोड़ा गया। इन लेबोरेटरी में अब तक 45 हजार सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की गई है। डेल्टा प्लस वैरिएंट की पहचान भी इसी जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए की गई थी।

अमेरिका में डेल्टा प्लस के 6 फीसदी मामले

इंग्लैंड की स्वास्थ्य एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के मुताबिक K417N म्यूटेशन के साथ अब तक 63 प्रकार के अलग-अलग वेरिएंट की पहचान की गई है, जिनमें से 6 भारतीय वैरिएंट हैं। यूनाइटेड किंडम (UK) में ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट के कुल 36 मामले हैं और वहीं अगर अमेरिका की बात की जाए तो पूरे देश में 6 प्रतिशत मामले डेल्टा प्लस वैरिएंट के हैं।

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