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हिंदी विवि के कार्यक्रम में सांसद प्रज्ञा ठाकुर को न बुलाए जाने पर उच्च शिक्षा मंत्री ने जताया खेद

मकड़ाई समाचार भोपाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमाओं का ऑनलाइन अनावरण कार्यक्रम रखा गया था। इसमें हिंदी विवि द्वारा भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को न बुलाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रज्ञा ठाकुर के निजी सचिव द्वारा इस संदर्भ में कुलपति को पत्र लिखते हुए आपत्‍ति जताई गई थी। मामले को तूल पकड़ता देख अब उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने खेद व्‍यक्‍त किया है।
दरअसल, बीती 21 जून को विश्व योग दिवस पर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि प्रांगण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण ऑनलाइन किया गया था। इस कार्यक्रम भोपाल लोकसभा क्षेत्र की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर सांसद के निज सचिव ने विवि कुलपति को पत्र लिख आपत्ति जताई। पत्र में कहा कि सांसद को आमंत्रित न करना न सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, अपितु एक हिंदीप्रेमी, हिंदी के उत्कर्ष को लेकर निरंतर प्रयत्नशील व क्रियाशील मनीषी के प्रति विवि प्रबंधन की उदासीनता का द्योतक होकर निंदनीय है। इसके पहले भी विवि द्वार अनेक अवसरों पर मान्य शिष्टाचार व स्थापित प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है। विवि से इस प्रकार के आचरण की अपेक्षा नहीं की जाती है, जबकि सांसद साध्वी प्रज्ञा के द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि के उत्कर्ष व केंद्रीय उपाधि दिए जाने और भी कई अवसर पर सहयोग के लिए संसद में विषय लिया गया है। सांसद का यह अनादर असहनीय है।
इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने सांसद के निज सचिव के पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि ऑनलाइन प्रतिमा अनावरण में सांसद को आमंत्रित न करना दु:खद प्रसंग है। इस त्रुटि के लिए सांसद भोपाल से खेद व्यक्त करते करते हैं। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो, इस बात का ध्यान रखा जाएगा।
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