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पाकिस्तान से रिहा होकर 20 माह बाद अपने घर पहुंचा बारेलाल

मकड़ाई समाचार दमोह। नोहटा थाना क्षेत्र के पटी शीशपुर गांव निवासी मानसिक रूप से कमजोर युवक बारेलाल आदिवासी दो साल पहले गलती से पाकिस्तान पहुंच गया था। जिसकी जानकारी सामने आने के बाद उसे वापस लाने सरकार ने प्रयास शुरू किया और शनिवार को वह प्रयास सफल हुआ जब बारेलाल अपने घर पहुंच गया। लंबे प्रयासों और विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद उसे पाकिस्तान से अटारी बॉर्डर और फिर पुलिस द्वारा उसे उसके गांव लाया गया। बारेलाल को देखकर उसके स्वजनों की आंखों से आंसू आ गए।

गौरतलब ही कि बारेलाल आदिवासी सहित एक अन्य प्रशांत बेंधम नामक युवक को 14 नवंबर 2019 को पाकिस्तान द्वारा बहवलपुर से गिरफ्तार किया गया था। यह दावा भी किया गया था कि बेंधम और बारेलाल आदिवासी को यजमन पुलिस की एक गश्ती दल ने बहवलपुर जिले में चोलिस्तान क्षेत्र से अवैध तरीके से पाकिस्तान में दाखिल होते समय गिरफ्तार किया थे। इसके बाद यह जानकारी स्वजनों तक पहुंची और उन्होंने पाकिस्तान में पकड़े गए युवक को ही अपना बेटा बताया था। बारेलाल के गुम होने पर स्वजनों ने उसकी गुमसुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।

मानसिक रूप से कमजोर बारेलाल के पाकिस्तान में होने की पुष्टी के बाद सरकार दोनो युवकों को वापस लाने के प्रयास में लग गई थी। इसके लिए बारेलाल के स्वजनों में संपर्क कर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई थी। इस दौरान उसके पिता सुब्बी आदिवासी, मां लक्ष्मी बाई और भाई पदम आदिवासी से भी बारेलाल के संबंध में पूरी जानकारी लेकर उसे वापस लाने के प्रयास शुरू किए गए थे।

बारेलाल को वापस लाने के लिए पिछले वर्ष शासन-प्रशासन द्वारा सक्रियता के साथ प्रयास किए गए थे। इसमें तत्कालीन कलेक्टर तरुण राठी व एसपी विवेक सिंह द्वारा स्वजनों के पासपोर्ट बनवाने से लेकर अन्य प्रशासनिक पत्राचार भी किए थे। वहीं दूसरी ओर केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटैल और तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा इस संबंध में पत्राचार करते हुए शासन स्तर पर कार्रवाई की थी । इसी का परिणाम हुआ कि आज बारेलाल अपने स्वजनों के बीच पहुंच सका ।

हालांकि बारेलाल को सकुशल पाकिस्तान से लाया जाना इतना आसान नहीं था। दरसअल मानसिक रूप से कमजोर बारेलाल का इलाज मेडिकल कॉलेज में चलता रहा था और वह कई बार घर से बिना बताए गायब हो जाता था। अंतिम बार वह अपने घर से 2017 में निकला और काफी दिनों तक घर नहीं लौटने पर स्वजनों ने नोहटा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और नोहटा पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी के बाद पाकिस्तान में उसके गिरफ्तार होने की खबर आई और उसे जेल में रखा गया। इस दौरान जहां मानसिक रूप से कमजोर होने के चलते बारेलाल की जानकारी व पहचान सुनिश्चित करने में कई कठनाईयां आई। वहीं पाकिस्तान द्वारा उसके अवैध रूप से पाकिस्तान में घुसने के आरोप सहित भारतीय ई गुप्तचर होने की भी बात सामने आई थी।

इन सबके बीच अपने तथ्यों को मजबूती से रखते हुए बारेलाल की घर वापसी कराने में भारत सफल रहा, लेकिन बारेलाल के साथ पकड़े गए अन्य युवक भारत लौटाया गया या नहीं इसकी अभी तक पुष्टी नहीं हो सकी है। गृह मंत्रालय से जानकारी आने के बाद भारत सरकार और पाकिस्तान सरकार के बीच बातचीत के बाद बारेलाल के स्वजनों व नोहटा थाने के आरक्षक को लेने जाने के लिए सभी जरूरी कार्यवाई की गई। बारेलाल के लिए पहले अमृतसर भेजा गया था जिसे को पाकिस्तान सरकार से सुपुर्द लेकर उसे मध्यप्रदेश वापस लाकर स्वजनों के सुपुर्द किया।

एसपी डीआर तेनिवार ने बताया कि यह प्रक्रिया पहले से चल रही थी उनके पास पत्र आया जिसके बाद बारेलाल को वापस लाने तैयारी शुरू की गई। नोहटा थाना प्रभारी विकास सिंह चौहान के निर्देशन पर नोहटा से आरक्षक आलोक भारद्वाज व बारेलाल के पिता सुब्बी आदिवासी व भाई पदम आदिवासी उसे लेने पहुंचे और उसे अपने साथ दमोह लेकर आए।

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