ब्रेकिंग
माघ मेला 2022: नहीं देखी होगी ऐसी साधना...पूजा पाठ का ये अनोखा तरीका, आकर्षण का केंद्र बना शिविर असदुद्दीन ओवैसी ने किया बाबू सिंह कुशवाहा और भारत मुक्त मोर्चा के साथ गठबंधन, निकाला 2 CM का फॉर्मूल... ओडिशा में 927 बच्चे Covid पॉजिटिव, 7 मरीजों की मौत- UP में स्कूल कॉलेज 30 जनवरी तक बंद कोरोना के बढ़ते मामले ने बढ़ाई चिंता, पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा, इन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध Elections 2022: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, पांच राज्यों में चुनावी रैली पर जारी रहेगी पाबंदी जम्मू कश्मीर: शोपियां में शुरू हुई मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने ढेर किया एक आतंकी गोवा चुनाव: 24 घंटे के अंदर BJP को लगा दूसरा बड़ा झटका- पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने की ... MP NEWS : पत्‍नी के साथ अप्राकृतिक सेक्‍स कर नौकरों, दोस्‍तों से गैंगरेप करवाता था ये हैवान ! हरदा न्यूज़ : नवनिर्मित सिविल लाइन थाने का कृषि मंत्री कमल पटेल ने फीता काटकर किया उद्घाटन दिग्गज आइटी कंपनियों पर चीन ने कसा शिकंजा, गतिविधियों और वित्तीय क्षेत्र में निवेश पर पाबंदी

बड़ी खबर- उत्तर प्रदेश के बागपत में पकड़ी गई नकली दवाईयां बनाने की फैक्ट्री, एक गिरफ्तार दूसरे की तलाश जारी

आचार्य संदीपन
28 जून 2021
नई दिल्ली/ बागपत

उत्तर प्रदेश के बागपत से बड़ी खबर आ रही है! सिंघावली अहीर क्षेत्र से नकली अंग्रेजी दवाईयां पैक करने की बड़ी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। हैरत की बात तो ये है कि ये कोई छोटी मोटी फैक्ट्री नही बल्कि टेबलेट्स की ब्लिस्टर पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक मशीन के साथ ये प्लांट संचालित हो रहा था,जिसमे देश मे बड़े पैमाने पर बिकने वाली काफी महंगी एंटीबायोटिक टेबलेट की पैकिंग का कार्य चल रहा था! विभाग को मुखबिर से मिली सूचना के बाद यूपी के खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन कमिश्नर* के निर्देश पर बाकायदा एक टीम का गठन किया गया और इस टीम में प्रदेश के नोयडा व बागपत का कार्यभार देख रहे ड्रग इंस्पेक्टर श्री वैभव बब्बर को विशेष रूप से शामिल किया गया।
औषधि विभाग की इस कार्यवाही को पूर्णतया गोपनीय रखते हुए थाना सिंघावली अहीर थाने की पुलिस को भी ऑपरेशन आरम्भ करने से एकदम पहले ही रेड में शामिल किया गया। गोपनीयता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि विभाग के यूपी आयुक्त के अलावा केवल टीम के कुछ सदस्यों को ही इसकी जानकारी थी।

सिंघावली अहीर में चल रही थी फैक्ट्री

दरअसल विभाग को सूचना मिली थी कि थाना सिंघवाली अहीर में कंही नकली एलोपैथिक दवाओं का निर्माण अथवा पैकिंग का काम हो रहा है! सूचना के बाद बागपत ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा खबर को पक्का किया गया एवम उच्च स्तर पर इसकी जानकारी साझा की गई। इसके पश्चात प्रदेश के खाद्य एवम सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर रेड डालने के लिए एक टीम का गठन किया गया। उल्लेखनीय है कि टीम में विशेष रूप से ऐसे मिशन के अनुभवी व बेहद ईमानदार छवि के माने जाने वाले बागपत के ड्रग इंस्पेक्टर को मुख्य रूप से शामिल किया गया। ज्ञात रहे कि श्री बब्बर बागपत के साथ साथ नोयडा जनपद का भी कार्यभार देख रहे हैं एवम इनके नाम में कई उपलब्धियां दर्ज हैं।

सिंघवाली अहीर में गफ्फार के मकान में चल रही थी फैक्ट्री

प्राप्त सूचना के अनुसार टीम 27 जून 2021 को निश्चित समय पर मुखबिर द्वारा बताए पते पर *गफ्फार के मकान में पहुंची तो एक कमरे में बाकायदा फैक्ट्री लगाकर काम चल रहा था! टीम में शामिल अफसरों की आंखें उस समय फ़टी रह गई जब देखा कि हिन्दुस्थान में बड़े पैमाने पर बिकने वाली बड़े ब्रांड की बेहद महंगी एंटीबायोटिक टेबलेट augmentin 625 MG की पैकिंग वँहा से बरामद हुई। इतना ही नही इन दवाओं की पैकिंग के लिए वँहा फैक्ट्री संचालित कर रहा सुरेंद्र पुत्र रंजीत बाकायदा ब्लिस्टर पैकिंग में काम आने वाली आधुनिक alu alu packing मशीन लगाकर इस धंधे को संचालित कर है था ।
टीम ने उक्त प्रसिद्ध एंटीबायोटिक टैबलेट एवम् प्रिंटेड फॉयल , उल्ट्रेसट टैबलेट finished pack के दो नमूने संग्रहित करते हुए कमरे में ही पैकिंग मशीन के साथ जब्ती की कार्यवाही को अंजाम दिया व अन्य पैकिंग मटेरियल को सील करते हुए *मौके से अभियुक्त सुरेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि भवन स्वामी गफ्फार की तलाश जारी है

थाना सिंघावली अहीर पर अभियुक्त से चल रही है पूछताछ, मुकदमा हुआ दर्ज

मिली खबर के मुताबिक विभागीय टीम द्वारा थाना सिंघावली अहीर में दोनों अभियुक्तों के विरूद्ध FIR दर्ज करा दी गई है। मौके से गिरफ्तार आरोपी सुरेन्द्र को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ये पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पॅकिंग के लिए टैबलेट एवं पैकिंग मटेरियल कहां से लाया जाता था। इसके अलावा पुलिस ये भी जानकारी करने की कोशिश कर रही है कि पैक्ड औषधि को कहा कहां बेचा जाता रहा है। दवा निरक्षक श्री बब्बर के अनुसार प्रथम दृष्टया पैक्ड औषधि नकली प्रतीत हो रही हैं, जिसके क्रम में दोनों अभियुक्त के विरूद्ध ipc की धारा 420,274,275,276 एवम् औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 की धारा 18/27 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया है।

कौन हैं वैभव बब्बर और क्यों विभाग महत्त्वपूर्ण अभियानों में इन्हें करता है शामिल?

आइए आपको बताते हैं कि वैभव बब्बर कौन हैं और इन्हें विशेषकर ऐसे अभियानों में प्रदेश स्तर व प्रदेश के बाहर भी क्यों शामिल किया जाता है? दरअसल पूर्व में एलोपैथिक दवाओं की एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत वैभव बब्बर का चयन ड्रग इंस्पेक्टर के लिए होने के बाद इन्हें नियुक्ति के पश्चात बागपत जनपद में ट्रांसफर किया गया। बागपत में बिना लाइसेंस व संदिग्ध दवाओं के कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद बब्बर को मुजफ्फर नगर जिले का भी अतिरिक्त कार्यभार विभाग द्वारा दे दिया गया। इसी दौरान *मेरठ में एक बहुत बड़े नकली दवाओं के गैंग का खुलासा करने एवम बरामदगी में बब्बर की बड़ी भूमिका रही तो दूसरी तरफ कोरोना से लड़ाई के दौरान निर्बाध व नियमित मूल्यों पर दवा आपूर्ति का जो प्लान वैभव बब्बर द्वारा बनाया गया उसकी प्रदेश स्तर पर चर्चा हुई* व विभाग द्वारा *प्रशस्ति पत्र* देकर भी इन्हें सम्मानित किया गया।

बागपत के साथ ही नोयडा जिले का चार्ज भी दे दिया गया

सूत्रों के अनुसार बब्बर की कार्यशैली और ईमानदारी को देखते हुए सरकार द्वारा इन्हें बागपत के साथ ही नोयडा जिले की कमान भी सौंप दी गई। जिसका रिजल्ट भी जल्दी ही देखने को मिला और नकली दवाओं के एक अंतरराज्जीय गिरोह पकड़ में आ गया।

नोयडा में चल रही बड़ी फैक्ट्री का किया था पर्दाफास

देश सरकार द्वारा बब्बर को नोयडा का अतिरिक्त प्रभार यूँही नही दिया गया था बल्कि इसके पीछे नोयडा में चल रहे नकली दवाओं के रैकेट की कमर तोड़ना था। विभाग की ये नीति कामयाब भी रही। सटीक जानकारी के आधार पर 8 जून 2021 को बब्बर द्वारा इकोटेक 3 कोतवाली इलाके में भारी पुलिस बल को साथ लेकर जो रेड डाली गई तो उससे एक ऐसे अंतरराज्जीय गैंग का खुलासा हुआ जो मेरठ से नकली दवाओं को लाकर नोयडा में पैक करके महाराष्ट्र तक सप्लाई करता था। उक्त गैंग लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की दवाओं की पैकिंग बेहद कम समय में इस फैक्ट्री में कर चुका था।दिल दहलाने वाली बात तो ये थी कि ये दवाएं कोरोना के इलाज में भी इस्तेमाल में लाई जाती थी।ड्रग विभाग की इस कार्यवाही ने भी मीडिया में जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थी व युवा अधिकारी वैभव को काफी प्रशंसा मिली थी।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!