ब्रेकिंग
माघ मेला 2022: नहीं देखी होगी ऐसी साधना...पूजा पाठ का ये अनोखा तरीका, आकर्षण का केंद्र बना शिविर असदुद्दीन ओवैसी ने किया बाबू सिंह कुशवाहा और भारत मुक्त मोर्चा के साथ गठबंधन, निकाला 2 CM का फॉर्मूल... ओडिशा में 927 बच्चे Covid पॉजिटिव, 7 मरीजों की मौत- UP में स्कूल कॉलेज 30 जनवरी तक बंद कोरोना के बढ़ते मामले ने बढ़ाई चिंता, पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा, इन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध Elections 2022: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, पांच राज्यों में चुनावी रैली पर जारी रहेगी पाबंदी जम्मू कश्मीर: शोपियां में शुरू हुई मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने ढेर किया एक आतंकी गोवा चुनाव: 24 घंटे के अंदर BJP को लगा दूसरा बड़ा झटका- पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने की ... MP NEWS : पत्‍नी के साथ अप्राकृतिक सेक्‍स कर नौकरों, दोस्‍तों से गैंगरेप करवाता था ये हैवान ! हरदा न्यूज़ : नवनिर्मित सिविल लाइन थाने का कृषि मंत्री कमल पटेल ने फीता काटकर किया उद्घाटन दिग्गज आइटी कंपनियों पर चीन ने कसा शिकंजा, गतिविधियों और वित्तीय क्षेत्र में निवेश पर पाबंदी

मेरे पति के हिस्से की संपत्ति मेरे पुत्र को दी जाए विधवा महिला ने न्याय के लिए जिला कलेक्टर एसपी से लगाई गुहार

हरदा। पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष से महिलाओ को सहानुभूति और सहयोग मिलना चाहिए मगर ऐसा होता नही है ऐसा ही एक मामला सिराली नगर का है। किरणबाई पति स्व, निर्भयदास गुर्जर उम्र 50 साल निवासी सिराली जो अभी बालाघाट में निवास कर रही है। किरणबाई ने कलेक्टर को दिए आवेदन मे बताया कि मेरे पति की मृत्यु उपरांत मेेरे हिस्से में आने वाली जमीन को जेठ व देवर ने कब्जा कर लिया है।

जेठ देवर ने किया पति की हिस्से की जमीन पर कब्जा

किरणबाई ने बताया ग्राम सिराली मे खसरा नंबर 242/3 रकबा 4 एकड़ ग्राम काषीपुरा तहसील सिराली स्थित भूमि खसरा नंबर 16 रकबा 4.34 एकड खसरा नंबर 17/1 रकबा 0.60 एकड़ सिराली स्थित उत्तर दिशा मकान की हैं जिसका मेरा पुत्र नीरज जो अभी नाबालिक है जो संयुक्त मालिक और स्वामी है। यह संपत्ति मेरे पति की थी।उनकी मृत्यु उपरांत बारसान हक में मेरा व पुत्र मालिक हुआ लेकिन इन संपत्तियों पर मेरे देवर व जेठ ने कब्जा कर रखा है।

तहसीलदार को गलत जानकारी देकर नामांतरण

किरणबाई ने बताया कि मेरी हक व हिस्से की जमीन पर मेरे जेठ व देवर के द्वारा अवैध रुप से हडपने के लिए नायब तहसीलदार सिराली में अवैध रुप से नामांतरण करा लिया है।इस मामले में नामांतरण करने वाले पटवारी और नायाब तहसीलदार दोनो भी संदेह के घेरे में है।मुझे अंदेशा है कि मेरेे जेठ व देवर ने मामले में संलिप्त अधिकारी कर्मचारियों से सांठ गांठ कर रखी है जो उनके पक्ष में नामांतरण कर दिया है। नामांतरण के दौरान मेेरे पति के हिस्से के हम उत्तराधिकारी थे तो हमे नोटिस दिए बिना कैसे नामांतरण कर दिया।इसलिए पटवारी व नायब तहसीलदार भी संदेह के घेरे में आते है।

न्यायालय की ली शरण
अपने पुत्र को उसके पिता की हिस्से की जमीन दिलवाने के लिए हरदा न्यायलय की शरण ली और अपना दावा पेष किया है। दिनांक 22 मार्च 2017 को मां न्यायाधीष विजय कुमार अग्रवाल ने मुझे और मेरे पुत्र नीरज को संयुक्त रुप से संपत्ति का स्वामी किया घोषित किया। इसके लिए मेरे जेठ व देवर शंकरलाल रामदयाल और रामविलास सत्यनारायण को निर्देषित किया कि संपत्ति का कब्जा नीरज को सौंपा जाए। ऐसा न हो तो राजस्व अधिकारी उक्त कार्यवाही करेंगें।

मेरे बेटे को मिले पिता के हिस्से का हक
दो सक्षम न्यायालयो के द्वारा मेरे पक्ष में न्याय दिए जाने के बाद भी हमारे हिस्से की जमीन पर उक्त लोगो ने कब्जा कर रखा हैं साथ ही उन्होने उच्च न्यायालय में अपील पेश की है। इस साल जब मेें जमीन देखने आई तो जेठ के बेटे मनीष ने कहा कि जमीन पर कदम रखा तुझे और तेरे लडके नीरज को मार डालूुंगा।मुझे और मेरे पुत्र को गंदी गंदी गालिया दी। तब से मुझे ओर मेरे पुत्र को जान का खतरा बना हुआ है। महिला ने कहा कि मुुझे न्याय दिलाया जाए और मेेरे पुत्र को उसके पिता के हिस्से की जमीन दिलाई जाए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!