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शाह बोले, हमारा वश चलता तो अब तक हो गया होता राम मंदिर का निर्माण

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 भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक टी.वी. चैनल से बातचीत में कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद ही पार्टी और सरकार राम मंदिर पर कोई निर्णय लेगी। अमित शाह ने कहा कि इस समय राम मंदिर का मुद्दा रणनीतिक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला 9 साल से चल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा वश चलता तो अब तक मामला सुलझ गया होता। शाह ने कहा कि जनवरी में इस मामले में सुनवाई होगी और वह आशा करते हैं कि सब सही हो जाएगा।बता दें कि रविवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित की गई धर्मसभा में  राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि राम मंदिर के लिए हमें भूमि का बंटवारा मंजूर नहीं। सुन्नी वक्फ  बोर्ड को अपना केस वापिस लेना चाहिए। वहीं, स्वामी रामभद्राचार्य ने पूरे यकीन के साथ दावा किया कि मुझे एक मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि मंदिर पर बड़ा फैसला लिया जाएगा।

राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार 11 दिसंबर के बाद कभी भी अध्यादेश ला सकती है। उन्होंने कहा कि अब भव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। वहीं, निर्मोही अखाड़े के रामजी दास ने कहा कि 2019 में होने वाले प्रयागराज महाकुम्भ के दौरान राम मंदिर निर्माण की तारीख तय हो जाएगी। धर्मसभा में करीब 75,000 लोग मौजूद थे, जबकि लगभग 27,000 लोगों ने रामलला के दर्शन किए।

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