ब्रेकिंग
HARDA BIG NEWS: स्कूल की छात्रा से मनचले दो युवको ने की छेड़छाड़, रास्ता रोका बोला में तुमसे शादी करना... स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता हुई आयोजित, पैरंट्स को दिए टिप्स चांदनी चौक मित्र मंडल द्वारा भव्य पंडाल में माँ दुर्गा की स्थापना, होंगे रास गरबा धार्मिक नगरी में नवरात्र की धूम : पहले दिन पांडालों में विराजी मां दुर्गा की प्रतिमाएं अम्बा में सांसद विधायक ने नलजल योजना का भूमिपूजन व सेवा सहकारी संस्था भवन का किया लोकार्पण देवतालाब में क्लस्टर स्तरीय क्रेडिट कैंप संपन्न स्वस्थ बालक बालिका स्पर्धा सम्पन्न पी.एम. सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत मिलेगी आर्थिक सहायता टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में मिलेगा 1 लाख रूपये तक का ऋण सीएम हेल्पलाइन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी सम्मानित

CG : दो छात्रावासों के अनाज आवंटन में 35 लाख का घोटाला!

Header Top

रायपुर। छात्रावासों के राशन आवंटन में करीब 14 सौ क्विंटल की गड़बड़ी जांच प्रतिवेदन में पुष्टि हुई है, लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से खाद्य विभाग परहेज कर रहा है। वैसे प्रथम दृष्टया करीब 35 लाख रुपये गबन है। हैरतवाली बात है कि शिकायत के हिसाब से लगभग 28 सौ क्विंटल राशन की हेराफेरी की गई थी यानी इस हिसाब से 60 लाख रुपये घोटाला हुआ है। आरोप है कि खाद्य विभाग की मिलीभगत से कोटा क्षेत्र में स्थित प्रियदर्शिनी दुकान संचालक से मिलकर सालों से राशन वितरण में घपलेबाजी की जा रही थी।

इसमें खाद्य विभाग में कई सालों से जमे सहायक खाद्य अधिकारी इस काम को अंजाम दे रहे हैं। शिकायत पर विभागीय जांच ही करा दी गई। अभी तक मामले का खुलासा होने के बाद खाद्य विभाग ने कोटे के संचालक को नोटिस भर दिया है, लेकिन विभाग इसमें शामिल अधिकारियों को बचाने में लगा हुआ है।

इसके पीछे कारण है कि छात्रावासों को चावल और गेहूं के आवंटन किए जाने के बाद इसकी ऑडिट खाद्य निरीक्षक ही करते हैं, लेकिन सब कुछ जानते हुए भी उन्होंने प्रियदर्शिनी दुकान को खुली छूट दे रखी थी। अब प्रकरण को 15 दिन दबाने का प्रयास खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इसके पूर्व में इसी प्रकार की अनियमितता पर एफआइआर दर्ज कराई जा चुकी है। वहीं इस मामले में एफआइआर तक कराने में खाद्य विभाग के अधिकारियों के हाथ कांप रहे हैं।

Shri

22 माह में सिर्फ आठ बार दिया राशन

आरटीआइ से मिली जानकारी के मुताबिक प्रियदर्शिनी दुकान से 22 माह से लगातार अनाज आवंटन किया जाना पाया गया, जबकि विवेकानंद विद्यापीठ में सिर्फ आठ बार ही अनाज पाने का रिकॉर्ड दर्ज है। इसके आधार पर विवेकानंद विद्यापीठ छात्रावास और प्रयास में अनाज आवंटन को लेकर शिकायत की गई थी, जहां जांच में यह पुष्टि हुई। 1150 क्विंटल चावल और 150 क्विंटल गेहूं सिर्फ कागजों पर ही देना पाया गया, जबकि शिकायत हजारों क्विंटल अनाज के आवंटन में गड़बड़ी की हुई थी।

नियम ताक पर, फिर भी अनजान रहे अधिकारी

नियमों को ताक पर रखकर कोटा स्थित राशन की दुकान से सड्डू क्षेत्र के छात्रावास प्रयास को अनाज का आवंटन कर दिया गया। जबकि नियम है कि जिस क्षेत्र की दुकान है, उसी क्षेत्र के छात्रावास को अनाज का आवंटन किया जाना है। यही वे पेंच हैं, जिसमें खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में आती है, क्योंकि अगर कड़ी कार्रवाई होगी तो अधिकारियों के भूमिका की पोल भी खुल जाएगी।

जांच में अनाज आवंटन में गड़बड़ी होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट बाद में बताएंगे, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। – जीएस राठौर, जिला खाद्य अधिकारी

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Don`t copy text!