भोपाल। वर्षाकाल का सीजन भले ही 30 सितंबर को खत्म हो गया हो, लेकिन चक्रवाती संरचना के कारण मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत 10 जिलों में पानी गिरा। बैतूल में एक घंटे में आधा इंच से अधिक बारिश हुई। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की मानें तो 4 अक्टूबर तक एमपी में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं इसके बाद तेज बारिश(Heavy Rain) हो सकती है। विदाई से पहले झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।
वहीं, अब तक 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून लौट जाएगा। इस बार सितंबर में भी बारिश का कोटा पूरा हो गया। औसत 45.2 इंच पानी गिरा, जो सामान्य बारिश 37.3 इंच के मुकाबले 7.8 इंच अधिक है।
अब बात अक्टूबर महीने की। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। ग्वालियर में पारा रिकॉर्ड 39 डिग्री तक पहुंच चुका है तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ बारिश भी हुई है।
भोपाल-ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। बैतूल में डेढ़ इंच पानी गिर गया। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच, दतिया में आधा इंच से ज्यादा और ग्वालियर में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, जबलपुर, सागर, डिंडौरी, मुरैना में भी बूंदाबांदी हुई।
पन्ना में आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे रूप सिंह यादव (40) की मौत हो गई। वह बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे छिपा था। भाई बुध सिंह यादव ने बताया कि रूप सिंह एक हाथ से दिव्यांग था। उसने शादी नहीं की थी। भैंसों को चराकर अपना भरण-पोषण करता था। चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।
12 जिलों से विदा हो चुका मानसून अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है।

