मध्य प्रदेश: जमीन विवाद में अंधाधुंध फायरिंग, किसान की मौत मंदसौर जिले में खूनी संघर्ष, भीड़ ने थाने में तोड़फोड़ की
मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में जमीन विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। पिपलिया मंडी थाना क्षेत्र के बही गांव में दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर चल रहे विवाद में अंधाधुंध फायरिंग हुई। गोलीबारी में एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। मृतक की पहचान कन्हैयालाल पाटीदार के रूप में हुई है।
पुलिस थाने पर हमला, हाईवे जाम
किसान की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित हो गए। भीड़ ने पिपलिया मंडी पुलिस थाने का घेराव कर तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। गुस्साए लोगों ने थाने में खड़े 10 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने महू-नीमच हाईवे जाम कर दिया। कई घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई, इलाके में कर्फ्यू
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और सीआरपीएफ को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हालात काबू से बाहर होने पर प्रशासन ने पिपलिया मंडी और मंदसौर के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को 5 लाख रुपये की सहायता और मुफ्त इलाज दिया जाएगा। सरकार ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि भीड़ की ओर से भी फायरिंग की गई थी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पृष्ठभूमि
मंदसौर और नीमच जिले में पिछले कुछ दिनों से किसान आंदोलन चल रहा था। किसान फसल के बेहतर दाम और कर्ज माफी की मांग कर रहे थे। इसी बीच जमीन विवाद की इस घटना ने हिंसा को और भड़का दिया।

