तहसील कार्यालय मे फैले भ्रष्टाचार और अराजकता के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता , अधिवक्ताओं ने दिया ज्ञापन
केके यदुवंशी
सिवनी मालवा। तहसील कार्यालय मे फैली अराजकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय अधिवक्ताओं ने एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी श् सरोज परिहार के नाम ज्ञापन प्रशिक्षक डिप्टी कलेक्टर जय सोलंकी को दिया ज्ञापन मे अधिवक्ताओं ने लेख किया कि अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष जी बी यादव की नजूल सम्पत्ति पर उनका नाम राजस्व रिकार्ड मे दर्ज है। उनके निधन के बाद उनके दोनो पुत्रो जो स्वयं भी अधिवक्ता है के नाम पर फोती नामांतरण नजूल अधिकारी द्वारा नही किया जा रहा है। यह प्रकरण पिछले 2 वर्षो से लंबित है। जिसमे सारी कानूनी प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। इतना ही नही श्री यादव के छोटे भाई अधिवक्ता हजारीलाल गुर्जर कई बार नजूल अधिकारी एवं उनके रीडर से मौखिक निवेदन कर चुके है। लेकिन इसके बाद भी उक्त प्रकरण मे आदेश पारित नही किया गया है।
जब एक अधिवक्ता के प्रकरण मे यह स्थिति है तो अन्य सामान्य पक्षकारो के प्रकरणो की क्या स्थिति होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ज्ञापन मे यह भी लेख किया है कि नजूल अधिकारी सहित तहसील के निम्न न्यायालयों मे आफ लाइन प्रकरण प्रस्तुत करने पर दर्ज नही किये जाते है। जिससे प्रकरणों का पता ही नहीं चलता है। अधिवक्ताओं को कोई संतुष्टिपूर्ण जबाब नही दिया जाता है। तहसील कार्यालय के किसी भी न्यायालय मे बिना लेनदेन किये कोई काम नही किया जा रहा है। उसे भ्रष्टाचारी का अड्डा बनाया हुआ है।
ज्ञापन मे अधिवक्ताओं ने मांग की है कि शासन के नियम अनुसार नामांतरण, बंटवारा, फोती नामान्तरण के प्रकरणो को शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा मे निराकरण किया जाए। ज्ञापन देने वालो मे अधिवक्ता संघ उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, सचिव आदित्य ठाकुर, कोषाध्यक्ष मनीष गौर, ग्रंथपाल आदित्य असंगे, हजारीलाल गुर्जर, विनोद शर्मा, अजीत राजपूत, आनंद भार्गव, शेखर पुरोहित, सुनील यादव, प्रशांत गोस्वामी, आर के मालवीय, सुमित गेहलोत, सुनील चंद्रायन आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

