85 एकड़ कृषि भूमि की बिना नीलामी बंदरबांट,
नाले पर अवैध दुकानें,
एक्सपायर्ड परमिशन पर कॉलोनी में प्लॉट बिक्री का आरोप
केके यदुवंशी
सिवनी मालवा। ग्राम बराखेड़ कला स्थित श्री राम जानकी राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट एवं ठाकुर महावीर दूधियाबड़ मंदिर में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार को लेकर गुरुवार को प्रार्थी नीरज तिवारी ने नर्मदापुरम कलेक्टर को आवेदन सौंपा। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी को 3 दिन में निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
85 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर बांटी
आवेदन के अनुसार, श्री राम जानकी-राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट के पास 65-70 एकड़ एवं महावीर दूधियाबड़ मंदिर के पास 15 एकड़ कृषि भूमि है। आरोप है कि ट्रस्टियों द्वारा हर वर्ष सार्वजनिक नीलामी प्रक्रिया अपनाए बिना ही गुपचुप तरीके से यह भूमि 20-25 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आपस में बांट ली जाती है, जबकि वर्तमान बाजार दर 50-60 हजार रुपए प्रति एकड़ है। इससे मंदिर को हर साल लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है।
नाले पर दुकानें, बिना परमिशन बेचे प्लॉट
शिकायत करता ने बताया कि हरदा-नर्मदापुरम मुख्य मार्ग पर नाले के ऊपर बिना किसी विभागीय अनुमति के दुकानों का निर्माण कर उन्हें भी बिना नीलामी आपस में बांट लिया गया। वहीं, ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2005 में TNCP से 20 शर्तों के साथ 2 एकड़ भूमि पर आवासीय कॉलोनी की परमिशन ली गई थी जो 3 वर्षों के लिए मान्य थी। आरोप है कि परमिशन समाप्त होने के बाद भी प्लॉटों का विक्रय जारी है और निर्माण कार्य चल रहे हैं। नगरपालिका से भी अनुमति नहीं ली गई।
कमजोर वर्ग के प्लॉट भी बेचे
कॉलोनी में समाज के कमजोर आय वर्ग के लिए आरक्षित 19 प्लॉट भी सक्षम व्यक्तियों को बेच दिए गए। साथ ही परमिशन से अधिक भूमि बेचने का आरोप है। दूधियाबड़ मंदिर की 15 एकड़ भूमि से होने वाली आय को भी ऑडिट रिपोर्ट में कम दिखाया जाता है। हनुमान जयंती पर भंडारा आदि कार्यक्रम चंदे से कराए जाते हैं, मंदिर की आय से नहीं।
नीरज तिवारी ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट द्वारा CA से अपने हित में ऑडिट रिपोर्ट बनवाई जाती है और अधिकारियों की नाक के नीचे करोड़ों का घोटाला किया जा रहा है। कलेक्टर के जांच आदेश के बाद अब SDM की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

