हंडिया : अखाड़े के हैरतअंगेज करतब, भक्ति की लहर और भंडारे की महक—हंडिया में दिखा हनुमान जयंती का भव्य रूप!
हंडिया। जब भक्ति दिल में उतरती है, तो गलियां भी मंदिर बन जाती हैं… कुछ ऐसा ही नज़ारा हंडिया में देखने को मिला, जब श्री राम भक्त हनुमान जन्मोत्सव पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हर ओर “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” की गूंज, चेहरे पर श्रद्धा और कदमों में उत्साह—नगर पूरी तरह राममय हो उठा।
शाम ढलते ही श्री खेडापति हनुमान मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था का चलता-फिरता उत्सव बन गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते भक्त, भगवा ध्वज लहराते युवा और हर मोड़ पर पुष्पवर्षा—मानो पूरा नगर प्रभु भक्ति में डूब गया हो।
इस शोभायात्रा की सबसे खास झलक रहा अखाड़ा प्रदर्शन… जहां श्री राम भक्तों ने अपने जोश और जुनून से ऐसे-ऐसे हैरतअंगेज करतब दिखाए कि हर कोई दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गया। तलवारबाज़ी, लाठी और पारंपरिक दांव-पेंचों ने दर्शकों का दिल जीत लिया—तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही।
भक्ति की शुरुआत हुई मासूम आशीर्वाद से… शोभायात्रा से पहले कन्या भोजन का आयोजन किया गया, जहां बालिकाओं को आदरपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया गया। इसके बाद विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया—जहां सेवा, समर्पण और संतोष तीनों का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रात्रि में जब महाआरती की ज्योति प्रज्वलित हुई, तो वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। हर आंख में आस्था, हर हाथ में प्रार्थना और हर जुबान पर एक ही नाम—“जय बजरंगबली”।
01 अप्रैल से प्रारंभ अखंड रामायण पाठ का समापन हवन एवं पूर्णाहुति के साथ किया गया, जिसने पूरे आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।
यह आयोजन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हंडिया की एकता, आस्था और संस्कृति की जीवंत झलक बन गया—जहां हर दिल ने एक साथ धड़ककर कहा,
“जय श्रीराम… जय हनुमान…”

