मुम्बई। एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को उप कप्तान बनाने के बाद से ही ये चर्चाएं हैं कि उन्हें आने वाले समय में तीनों ही प्रारुपों की कप्तानी सौंपी पाएगी। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार ये सही नहीं है। इस रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड आने वाले समय में एकदिवसीय प्रारुप की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपना चाहता है। इसका कारण ये है कि अय्यर का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से 50 ओवर प्रारुप में शानदार रहा है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। आईपीएल में वह पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हैं और घरेलू क्रिकेट में भी उन्हें कप्तानी का अच्छा अनुभव है। उनके इसी कौशल को देखते हुए बीसीसीआई यह फैसला उन्होंने एकदिवसीय प्रारुप की कमान सौंप सकता है हालांकि चैंपियंस ट्रॉफी में उप-कप्तान शुभमन थे।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि देखिए उस समय की परिस्थिति के हिसाब से तब फैसला लिया गया था। इस समय इतना क्रिकेट हो रहा है तो कोई भी खिलाड़ी तीनों प्रारुपों में लगातार कप्तान के तौर पर नहीं खेल सकता है। ऐसे में शुभमन को टेस्ट की कप्तानी दी गई और साथ में टी-20 की उपकप्तानी देकर सबसे छोटे फॉर्मेट के भविष्य के कप्तान के तौर पर उनको देखा जा रहा है। वहीं एकदिवसीय कप्तान रोहित शर्मा अभी एकदिवसीय टीम के कप्तान हैं। वह 38 वर्ष के हो गए हैं और उनके लिए भी समय कम है। रोहित अभी 2027 विश्व कप तक खेलना चाहते हैं, मगर रिपोर्ट्स हैं कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर होने वाली एकदिवीसय सीरीज रोहित और विराट कोहली दोनों के लिए अंतिम हो सकती है। एशिया कप के बाद आस्ट्रेलिया दौरे पर कप्तानी को लेकर फैसला होगा तभी श्रेयस को कप्तान बनाया जा सकता है। बोर्ड अधिककारी इस मामले में रोहित और विराट से बात करके आगे की रणनीति बताएंगे। रोहित अपने भविष्य पर क्या फैसला लेते हैं उस पर यह तय होगा कि श्रेयस कब कप्तान बनेंगे हालांकि बीसीसीआइ और टीम प्रबंधन श्रेयस को 2027 एकदिवसीय विश्व कप तक कप्तान के तौर पर देख रहा है।
शुभमन अभी पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराकर आए हैं। पहले इस बारे में सोचा गया था कि उन्हें तीनों प्रारुपों में कप्तान बनाया जाए पर लगातार टूर्नामेंट को देखते हुए यह संभव नहीं है। एक खिलाड़ी के तौर पर तीनों फॉर्मेट में खेलना और एक कप्तान के तौर पर तीनों फॉर्मेट में खेलना अलग बात होती है। कप्तान को बहुत सारे फैसले लेने होते हैं। शारीरिक के अलावा मानसिक तौर पर भी जुटना होता है। अगर आप किसी को कप्तान बनाते हैं तो उम्मीद करते हैं कि वह लगातार उस प्रारुप में खेले।

