मकडा़ई एक्सप्रेस 24 इंदौर
देशभर में जहां जल संकट, बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती बना हुआ है, वहीं मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की परमाणु नगर कॉलोनी ने इन समस्याओं का ऐसा समाधान निकाला है कि आज पूरा देश इसे फॉलो कर रहा है। 5 जून World Environment Day से पहले यह कॉलोनी पर्यावरण संरक्षण का “मॉडल” बनकर उभरी है।
क्या है परमाणु नगर मॉडल……?
जीरो वेस्ट कॉलोनी का सपना सच
– 100% कचरा सेग्रीगेशन : हर घर में 3 डस्टबिन – गीला, सूखा और खतरनाक कचरा।
– खाद बनाने की यूनिट : गीले कचरे से कॉलोनी में ही जैविक खाद बनती है। यही खाद कॉलोनी के 2000+ पेड़-पौधों में इस्तेमाल होती है।
– प्लास्टिक बैन : दुकानों पर कपड़े के थैले फ्री मिलते हैं। प्लास्टिक यूज करने पर ₹500 जुर्माना।
जल संरक्षण में नंबर-1
– हर घर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग : 312 घरों में से 310 घरों में रूफटॉप हार्वेस्टिंग सिस्टम।
– तालाब का पुनर्जीवन : कॉलोनी के सूखे तालाब को रहवासियों ने श्रमदान से जिंदा किया। अब इसमें 15 फीट पानी है।
– ग्रे वॉटर रीसाइकल : नहाने-धोने का पानी फिल्टर करके गार्डनिंग में यूज। इससे 40% पानी की बचत।
3. हरियाली का रिकॉर्ड
– मियांवाकी जंगल : 8000 वर्गफीट में 1200 देसी पेड़ों का घना जंगल 2 साल में तैयार।
– “एक परिवार-एक पेड़” : हर नए सदस्य के जन्म/शादी पर परिवार 1 पेड़ लगाता है। अब तक 450+ पेड़ लगे।
– वर्टिकल गार्डन : दीवारों पर भी हरियाली, इससे तापमान 3°C कम रहता है।
कैसे हुई शुरुआत….?
2019 में कॉलोनी में पानी की किल्लत और कचरे के ढेर थे। तब 15 युवाओं ने “ग्रीन परमाणु ग्रुप” बनाया।
– पहले 10 घरों से शुरुआत की
– नगर निगम ने टेक्निकल सपोर्ट दिया
– इंदौर के स्वच्छता मॉडल को घर-घर लागू किया
– 4 साल में पूरी कॉलोनी बदल गई
नतीजा क्या निकला.. ?
1. पानी का बिल 60% कम : पहले टैंकर मंगाने पड़ते थे, अब भूजल स्तर 20 फीट बढ़ा।
2. बिजली बचत : पेड़ों की वजह से AC का यूज 30% घटा।
3. बीमारियां कम : डेंगू-मलेरिया के केस 90% गिरे क्योंकि कचरा-काई खत्म।
4. अवार्ड : 2025 में भारत सरकार का “बेस्ट RWA अवार्ड” मिला।
अब देश कर रहा फॉलो
– गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली की 20+ कॉलोनियों ने दौरा किया
– केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने इसे “नेशनल बेस्ट प्रैक्टिस” में शामिल किया
– स्कूलों के कोर्स में परमाणु नगर मॉडल पढ़ाया जा रहा
रहवासी संघ अध्यक्ष रमेश वर्मा कहते हैं
“हमने सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा। हर घर ने 2 घंटे श्रमदान किया। बच्चे-बूढ़े सब साथ आए। पर्यावरण बचाना भाषण नहीं, एक्शन मांगता है।”
World Environment Day 2026 की थीम से कनेक्शन
इस साल की थीम है “Land Restoration, Desertification and Drought Resilience”*। परमाणु नगर ने बंजर जमीन को हरा-भरा करके और सूखे से लड़कर इस थीम को सच कर दिखाया।
इंदौर नगर निगम कमिश्नर का बयान
“परमाणु नगर ने साबित किया कि अगर जनता ठान ले तो शहर बदल सकता है। हम अब पूरे इंदौर में यह मॉडल लागू कर रहे हैं।”
आज World Environment Day पर परमाणु नगर में 5000 पौधे लगाए जाएंगे। PM मोदी ने भी ‘मन की बात’ में इस कॉलोनी का जिक्र किया था।

