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बैहर 157 वर्ष पुरानी तहसील है उसे जिला बनाने अधिवक्ता संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

 बैहर जिला नही बना तो होगा उग्र आन्दोलन 

छिंदवाड़ा:  विगत 30 वर्षों से क्षेत्र वासियों के द्वारा बैहर को जिला बनाने की मांग किया जा रहा है जिसके लिए बैहर जिला बनाओ संघर्ष समिति के द्वारा अनेकों आन्दोलन प्रर्दशन के माध्यम से मुख्यमंत्री एवम् राज्यपाल के नाम अनेकों बार ज्ञापन सौंपकर बैहर को जिला बनाने की मांग की गई है किन्तु मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बैहर को जिला बनाने के तरफ कोई ध्यान नही दीया जा रहा है।

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जबकि मध्यप्रदेश में बैहर से भी छोटी छोटी तहसीलों को जिला बना दिया गया है। और बैहर 157 वर्ष पुरानी तहसील है। 1867 में अंग्रेज शासन काल के दौरान बैहर को तहसील बनाया गया था। इतनी पुरानी तहसील होने के बाद भी बैहर को जिला नही बनाया जा रहा है। आज दिनांक 20 सितम्बर 2024 को बैहर अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में बैहर जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकरी, पेंशन संघ के पदाधिकारियों के द्वारा बैहर अनुविभागीय आधिकारी राजस्व के माध्यम से मुख्यमंत्री मोहन यादव  के नाम एवम महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन सौंपने बैहर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लोकेश साहू, बैहर जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक सूरज ब्रम्हे, अध्यक्ष एफ. एस. कमलेश, महामंत्री निरंजन शर्मा, बी. एस. मेरावी, दिलिप भगत, अधिवक्ता राजकुमार चौहान, तुलसीराम बघेल, एल.पी.साहू, राजकुमार सोनकुसरे , यशवंत धुर्वे, सचिन पाण्डे, जे. एल. गौतम, नदीम कुरैशी, चित्रसेन चौधरी, एम . पी. शरणागत, अमीन टेकाम, पत्रकार नरेन्द्र शेंडे, पत्रकार हरनाम मेरावी, पत्रकार हरेसिंह पुसाम, अरविन्द गर्ग, विशेष चैतगुरू, विजय मरकाम, वैभव मिश्रा, आर. आर. पटले एवम् सम्पूर्ण अधिवक्ता उपस्थित रहे।