RBI का बड़ा फैसला: डिजिटल फ्रॉड होने पर अब ग्राहकों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाधोखाधड़ी के शिकार ग्राहकों के लिए नई ‘सेफ्टी नेट’
_डिजिटल लेन-देन की दुनिया में सुरक्षा और भरोसे को नई ऊंचाई देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को चालू वित्त वर्ष की अंतिम मौद्रिक नीति (MPC) की घोषणा करते हुए आम ग्राहकों के हित में बड़े सुधारों का ऐलान किया।_
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 दिल्ली ।देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए आरबीआई ने ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक नई रूपरेखा (Framework) प्रस्तावित की है। इसके तहत, यदि कोई ग्राहक कम मूल्य (Small-Value) के डिजिटल ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे ₹25,000 तक की क्षतिपूर्ति (Compensation) दी जाएगी।
विशेष क्या है इसमे
इस योजना में पीड़ित को राहत देने के लिए एक विशेष व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल फ्रॉड राशि का 85% (अधिकतम ₹25,000) आरबीआई के ‘जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष’ (DEAF) से दिया जा सकता है, जबकि शेष 15% का भार बैंक और पीड़ित साझा करेंगे।
‘मिशन सक्षम’: सहकारी बैंकों का होगा कायाकल्प
बैंकिंग सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए आरबीआई ने ‘मिशन सक्षम’ (Mission SAKSHAM) की शुरुआत की है।शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) की तकनीकी और परिचालन क्षमता को बढ़ाना।इसके तहत लगभग 14 लाख प्रतिभागियों को आधुनिक बैंकिंग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में क्षेत्रीय भाषाएं
यह प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा ताकि छोटे बैंकों के कर्मचारी ग्राहकों को बेहतर सेवा दे सकें।
गलत बिक्री (Mis-selling) और वसूली एजेंटों पर नकेल
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ग्राहकों को मानसिक और आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए तीन नए ड्राफ्ट दिशानिर्देश जारी करने की बात कही है:
मिस-सेलिंग पर रोक-अक्सर बैंकों द्वारा ग्राहकों को उनकी जरूरत के विपरीत बीमा या अन्य वित्तीय उत्पाद बेच दिए जाते हैं। अब विज्ञापन और बिक्री के लिए सख्त नियम आएंगे।
वसूली एजेंटों के लिए सख्त नियम – डिजिटल लेन-देन की दुनिया में सुरक्षा और भरोसे को नई ऊंचाई देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को चालू वित्त वर्ष की अंतिम मौद्रिक नीति (MPC) की घोषणा करते हुए आम ग्राहकों के हित में बड़े सुधारों का ऐलान किया।

