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केंद्र सरकार ने चीनी निर्यात पर सितंबर 2026 तक रोक लगाई

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 दिल्ली । मौजूदा घरेलू सप्लाई और बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है।

क्यों लिया गया फैसला..?

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक और ब्राजील के बाद सबसे बड़ा निर्यातक है। पहले सरकार ने 1.59 मिलियन मीट्रिक टन निर्यात की अनुमति दी थी, यह मानकर कि उत्पादन घरेलू मांग से ज्यादा रहेगा।

लेकिन अब प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में पैदावार कम होने से उत्पादन लगातार दूसरे साल खपत से कम रहने का अनुमान है।इसके अलावा एल नीनो के कारण इस साल मानसून कमजोर पड़ने की आशंका ने अगले सीजन की फसल को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

किस चीनी पर लागू होगा बैन…?

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नोटिफिकेशन के मुताबिक कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर पूरी तरह रोक रहेगी। DGFT ने निर्यात नीति को “प्रतिबंधित” से बदलकर “प्रतिबंधित” कर दिया है।

किन निर्यातों को छूट मिलेगी ?

यूरोपीय संघ और अमेरिका को CXL और TRQ कोटे के तहत होने वाले निर्यात।एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम और सरकार-से-सरकार के तहत खाद्य सुरक्षा के लिए होने वाले निर्यात।जिन कंटेनरों की लोडिंग नोटिफिकेशन जारी होने से पहले शुरू हो चुकी है, या शिपिंग बिल फाइल हो चुका है और जहाज बंदरगाह पर लग चुका है, उन्हें जाने दिया जाएगा।

ग्लोबल बाजार पर असर

भारत के इस फैसले से ग्लोबल सफेद और कच्ची चीनी की कीमतों में तेजी आने की संभावना है। ब्राजील और थाईलैंड जैसे प्रतिस्पर्धी देशों को एशिया और अफ्रीका के खरीदारों को ज्यादा सप्लाई करने का मौका मिलेगा। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और महंगाई को नियंत्रित करना है, खासकर जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते ऊर्जा और जरूरी सामानों की सप्लाई पर पहले से दबाव है।