कुर्सी से उठकर दिव्यांग के पास पहुंचे कलेक्टर सोमेश मिश्रा, कलेक्टर हो तो ऐसा जो गरीबों को दिल में जगह बनाएं
केके यदुवंशी पत्रकार
नर्मदापुरम। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके लोगों के लिए जनसुनवाई राहत बनकर आई। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सिर्फ आवेदन नहीं लिए, बल्कि हर फरियादी की समस्या को समझकर मौके पर समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में किसान, मजदूर और आम नागरिक अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। किसी का भुगतान महीनों से अटका था, कोई इलाज के खर्च से परेशान था, तो कोई जमीन और बिजली बिल के झंझट में उलझा था। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन लगाकर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। कई मामलों का निपटारा वहीं हो गए
जनसुनवाई का सबसे भावुक पल तब आया जब एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पहुंचा। परंपरा के उलट कलेक्टर खुद कुर्सी छोड़कर उसके पास गए। जमीन पर बैठकर उसकी बात सुनी और आवेदन लिया। इस एक कदम ने पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट पैदा कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता को बड़े आदेश नहीं, ऐसा अधिकारी चाहिए जो उसकी पीड़ा को महसूस कर सके। कलेक्टर की इस संवेदनशीलता ने साबित कर दिया।

