विश्व पटल पर पर्यावरण संरक्षण और शून्य प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारण
हरदा। संपूर्ण नर्मदा घाटी में वातावरण निर्माण एवं कैसे इस समस्या को कृषकों की आय वृद्धि एवं आमजन की आजीविका का अवसर बनाया जा सकता है. इस हेतु एक “नर्मदा पर्यावरण संरक्षण परिक्रमा” का 2 जनवरी 2025 आरंभ किया जा रहा है।
जिसका समापन 23 जनवरी 2025 को “सुभाष जयंती” पर होना है।
यात्रा का शुभारंभ पूज्यनीय साधू-संतों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया।
जानकारी देते हुए यात्रा से जुड़े अरविंद सारण ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से इस दिशा में परिवार वित्त आदरणीय गौरीशंकर जी मुकाती और उनकी टीम कार्य करने और विगत तीन वर्षों में नर्मदा के तटवर्ती हरवा, नर्मदापुरन और सिहोर जिले में साउथ कोरिया, अमेरिका व सिंगापुर की कंपनियों के माध्यम से लगभग डेढ़ करोड़ पौधों का रोपण कार्य किया है। जिसके माध्यम से किसानों की आय सुनिश्चित करने, उनका निःशुल्क दुर्घटना बीमा करने एवं कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में भी एक उपलब्धि पूर्ण कार्य हुआ है। इस दौरान प्रदेश के
पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्र कृषि मंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान जी भी विभिन्न अवसरों पर प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होते रहे है।
ओर हमारा मार्गदर्शन करते हे
एक नजर इधर भी।
पर्यावरण संरक्षण को आजीविका एवं रोजगार के स्वरूप में स्थापित करना। इस कार्ययोजना के माध्यम से 18 जिलों में किसानों को आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कराते हुए लगभग 50 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि की मेड़ों पर 50 करोड़ पौधों का रोपण करना। 60 लाख से अधिक लोगों को 20 करोड़ कार्य दिवस का रोजगार तथा 10 लाख करोड़ से अधिक की काष्ठ उत्पादन लक्ष्य रखा गया है। जिससे मां नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों का संरक्षण करते हुए उन्हें सदा नीरा बनाना है।
यात्रा स्वरूप
अमृतवन संरक्षण फाउंडेशन के बैनर तले निकलने वाली इस यात्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी श्री शिवशंकर जी, संत श्री वैदेश्वरानंद उदासीन जी, पर्वतारोही श्रीमति ज्योति रात्रे, दैनिक अखबार अनोखातीर के संपादक प्रहलाद जी शर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों में शोधकार्य करने तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े 20 लोगों का दल अरविंद सारन छोटू पटेल बलराम पटेल बलबीर सिंह राजपूत सहित रहेंगे जो यात्रा के दौरान जगह-जगह संगोष्ठी कर स्थानीय लोगों से चर्चा कर मां नर्मदा के तटों के जिलों की भूमि पर 50 करोड़ वृक्षारोपण की योजना बनाएंगे आगामी दिनों में पौधा रोपण कार्य प्रारंभ किया जाएगा परिक्रमा 20 दिवस में पूर्ण होगी।

