हरदा – त्यौहार की तिथियों में असमंजस को दूर करने के उद्देश्य से सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के आह्वान पर जिला ज्योतिष परिषद् द्वारा विगत दिनों ज्योतिष क्षेत्र के विद्वान,पंडितों की बैठक आयोजित कर दो दो तिथियों की स्थिति में स्थानीय गणना के आधार पर सर्व सम्मति से एक तिथि एक त्यौहार कैलेंडर तैयार किया गया था।
जिसका चैत्र प्रतिपदा,हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को परशुराम चौक पर पूजन कर विमोचन किया गया।इस दौरान पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि हर शहर अक्षांश देशांश पर स्थित है,पूर्वोत्तर क्षेत्र,मध्य क्षेत्र,पश्चिम क्षेत्र में सूर्योदय में अंतर होता है,इसके चलते पंचांग में गणना अनुसार तिथियों में अंतर होता है।वहीं पंचांग का निर्माण अलग अलग सिद्धांतों पर होता है।उन्होंने कहा कि तिथियों का निर्धारण स्थानीय विद्वान पंडितों द्वारा करना चाहिए।
नासा एवं गूगल द्वारा बताई तिथियों के बजाय धर्म शास्त्रीय आधार पर तिथि मानना उचित होता है।विमोचन कार्यक्रम के दौरान सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के अध्यक्ष सुनील तिवारी,कार्यकारी अध्यक्ष आचार्य पंडित ओमप्रकाश पुरोहित, चंद्रकांत शुक्ला,वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मीनारायण बादर(मुन्ना बादर),उपाध्यक्ष रोहित तिवारी,नगर अध्यक्ष दीपक शुक्ला,मनीष व्यास,युवा इकाई अध्यक्ष विवेक बादर, सुदीप मंडलोई, सचिव नवीन शर्मा,प्रतीक शर्मा ,दीपक चौबे,शशिभूषण जोशी सहित समाजजन उपस्थित थे।
इन तिथियों पर बनी सर्व सम्मति
पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि वर्ष में आने वाली दो दो तिथियों में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया है,इस अनुसार 27 मार्च को रामनवमी,28 अगस्त को रक्षाबंधन,20 अक्तूबर दशहरा,8 नवंबर दीपावली,21 मार्च को होलिका दहन मनाना उचित होगा।

