देश मे पहली बार डिजिटल अरेस्ट मामले मे 9 लोगों को उम्रकैद की सजा !अविश्वसनीय मगर सत्य ठगो ने 108 लोगो से करीब 100 करोड़ ठगे
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 पश्चिम बंगाल। सायबर अपराध की दुनिया मे एक नया शब्द बहुत ज्यादा चलन में आया है वह है डिजिटल अरेस्ट।
क्या है डिजिटल अरेस्ट
डिजिटल अरेस्ट ठगो द्वारा फेंका जाने वाला एसा जाल होता है जिसमें व्यक्ति फँसकर रह जाता है वह ठगो की नजर मे 24 घंटे रहता है उसकी हर एक हरकत पर नज़र रखी जाती है व्यक्ति खुद के घर मे कैद हो जाता है।ठग खुद को क्राईम ब्रांच या सीबीआई का अधिकारी बन कर आप पर जबरन एफ आई आर दर्ज होने की बात कह कर फँसाते फिर इससे बचने के लिए करोड़ो की मांग करते है। अपने कई अलग अलग बैंक खातो में रुपया ट्रांसफर करवाते है। इस अपराध के रोज मामले सामने आ रहे जिसमे पढ़े लिखे बड़े लोग आसानी से फंस जाते है। पुलिस अधिकारी भी इसमे उलझ चुके है।
9 दोषियो को मिली उम्र कैद
पश्चिम बंगाल के कल्याणी की एक अदालत ने देश में संभवतः पहली बार साइबर क्राइम के मामले में शुक्रवार को नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन ठगों ने पिछले साल रानाघाट के एक निवासी से ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ की धमकी देकर एक करोड़ रुपये ठगे थे। इन नौ दोषियों को महाराष्ट्र, हरियाणा और गुजरात से गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक महिला भी शामिल है। ये सभी एक बड़े साइबर गैंग का हिस्सा हैं।जिसने अब तक देशभर में 108 लोगों से कुल 100 करोड़ रुपये की ठगी की है।

