हरदा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ओम शांति भवन में राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी का प्रथम स्मृति दिवस ‘विश्व एकता दिवस’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा, सम्मान एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुजनों ने उपस्थित होकर दादी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ परमात्म स्मृति एवं राजयोग ध्यान के साथ हुआ, जिससे पूरे परिसर में शांति, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। इसके पश्चात दादी जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं उनके द्वारा दी गई अमूल्य शिक्षाओं को स्मरण करते हुए वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर बीके राजेश ने दादी जी के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि दादी रतन मोहिनी जी का सम्पूर्ण जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन एवं सादगी का अद्भुत संगम था। उन्होंने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को मानवता की सेवा और आध्यात्मिक उन्नति के लिए समर्पित किया। दादी जी ने सदैव विश्व में शांति, एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया और अपने दिव्य गुणों एवं मधुर व्यवहार से सभी के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
बीके किरण ने कहा कि दादी जी के विचार आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि हम अपने विचारों और व्यवहार में सकारात्मकता लाकर न केवल स्वयं को श्रेष्ठ बना सकते हैं, बल्कि समाज एवं विश्व में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
बीके रोशनी ने भी दादी जी के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि उनका जीवन आध्यात्मिक मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उन्होंने सदा प्रेम, शांति और सहनशीलता के माध्यम से सभी को जोड़ने का कार्य किया, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर सभी ने मिलकर विश्व शांति एवं एकता के लिए संकल्प लिया और कुछ समय के लिए सामूहिक रूप से राजयोग ध्यान का अभ्यास कर दिव्य अनुभूति प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में दादी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

