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हंडिया: मत्स्याखेट प्रतिबंध के दौरान भी कर रहे मत्स्याखेट और फेसबुक स्टेटस पर भी डाल रहे, अनजान प्रशासन 

हरदा। : मध्यप्रदेश में मत्स्याखेट प्रतिबंध नियम कानून के अनुसार, राज्य सरकार ने मत्स्याखेट पर प्रतिबंध लगाया है जो हर साल 16 जून से 15 अगस्त तक प्रभावी रहता है। यह प्रतिबंध मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है, जिससे उनकी वंश वृद्धि को संरक्षण मिल सके। लेकिन उसके बाद भी लगातार मछली पकड़ने का काम ओर परिवहन का कार्य बदस्तूर जारी है।इतना ही नहीं ये शिकारी खुद सोशल मीडिया पर फोटो वीडियो भी डाल रहे है।

मत्स्याखेट प्रतिबंध सम्बंधित नियम

हर वर्ष वर्षाकाल मे मादा मत्स्य प्रजनन काल पर होती है।इसी को देखकर सरकार द्वारा मत्स्याखेट पर पूर्ण प्रतिबाँध 16 जून से 15 अगस्त तक लगाया जाता है। इसके तहत किसी भी प्रकार से मत्स्याखेट करना प्रतिबंध है। मछली को पकड़ना या उनका शिकार कर परिवहन करना और खरीदी बिक्री पर रोक का नियम है।

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कानून के उल्लंघन पर मत्स्य क्रय और विक्रय पर एक वर्ष का कारावास या 5,000 रुपये का जुर्माना या दोनों शामिल है।

 

क्या है कानूनी प्रावधान:

मध्यप्रदेश नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 की धारा 3(2) और मध्यप्रदेश मत्स्योद्योग अधिनियम 1948 (संशोधित) 1981 की धारा 5 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। इस नियम का उल्लंघन करने पर उल्लंघनकर्ता के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।इसके लिए अधिकारी को शिकायत मिले या मामला उनके संज्ञान मे आने पर तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिये।