खिरकिया, हंडिया और टिमरनी क्षेत्रों में जल्द हो सर्वे
हरदा जिले में मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। हरदा, जो अपनी उपजाऊ भूमि और उच्च कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है, वहां इस बेमौसम मार का असर काफी गंभीर
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 हरदा। मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की तरह हरदा में भी मंगलवार देर रात मौसम ने रौद्र रूप दिखाया। तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश और कुछ क्षेत्रों में गिरे छोटे ओलों ने रबी की मुख्य फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। जिले के कई गांवों में फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है।
किन क्षेत्रों में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान.. ?
हरदा जिले के मुख्य कृषि क्षेत्रों में प्रकृति का प्रकोप अलग-अलग रूप में देखा गया:
खिरकिया और सिराली बेल्ट
यहाँ तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की बात बताई जा रही हैं, जिससे चने और सरसों की फलियों को नुकसान पहुँचा है।
हंडिया और टिमरनी
इन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है। पकने की कगार पर खड़ी गेहूं की फसल पानी के भार और हवा से ज़मीन पर गिर गई है।
हरदा ब्लॉक-
यहाँ रात भर रुक-रुक कर हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई है और खेतों में नमी बढ़ने से कटी हुई फसलों के खराब होने का डर है।
जिले में फसलों की स्थिति
हरदा जिले में मुख्य रूप से तीन फसलों पर असर पड़ा है। विशेषकर खेतो में खड़ी गेहूं की फसल ज्ञात हो कि हरदा का गेहूं अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन बारिश के कारण गेहूं की चमक (Lustre) खोने और दाना पतला होने का खतरा बढ़ गया है। यदि धूप जल्दी नहीं निकली, तो फसलों में सड़न पैदा हो सकती है।
दूसरे नंबर पर चना फसल बारिश से चने के पौधों में ओलों की वजह से फूल झड़ गए हैं और फलियां टूट गई हैं। कृषि जानकारों के अनुसार, चने में 30% से 50% तकनुकसान की संभावना है।इस किसानो चना का रकबा कम बोया है। जो किसान तीसरी फसल के रूप में मूंग की तैयारी कर रहे थे, उनके खेतों में नमी बढ़ने से बुवाई में देरी हो सकती है।
अब किसानों की मांग
जिले के प्रभावित किसानों ने मांग की है कि पटवारी और कृषि विभाग की टीम तत्काल खेतों पर पहुँचकर पंचनामा बनाए। जिन गांवों में ओलावृष्टि हुई है, वहां 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक नुकसान का आकलन किया जाए।
हरदा जिले में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और कोहरे के कारण नमी बरकरार है। यदि आगामी 24 घंटों में फिर से बारिश होती है, तो नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

