हरदा विधायक डॉक्टर दोगने ने मगरधा-रतनपुर माचक नदी पुल सहित अधूरी सड़क , समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी संबंधित मामले विधानसभा में उठाएं।
हरदा :- हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिवस विधानसभा सदन में हरदा जिले के सड़क निर्माण कार्य, किसानों की मूंग फसल खरीदी समर्थन मूल्य पर करने में हुई देरी, हरदा जिले में विधि महाविद्यालय शुरू कराए जाने एवम मगरधा-रतनपुर माचक नदी पर पुल निर्माण कार्य कराए जाने संबंधी जनहित ऐसी मुद्दों पर सरकार से प्रश्न किये।
हरदा विधायक द्वारा पंचायत मंत्री से प्रश्न किया गया कि हरदा जिला अंतर्गत ग्राम मोरगडी-खिरकिया रोड से जटपुरा होते हुए अंजरूदमॉल सड़क मार्ग निर्माण कार्य, ग्राम नांदरा से गोयत सड़क मार्ग निर्माण कार्य एवं ग्राम झाड़पा से रैसलपुर सड़क मार्ग निर्माण कार्य में महाप्रबंधक डी.के. त्रिपाठी व ठेकेदार द्वारा की जा रही लापरवाही की शिकायत मेरे द्वारा माननीय पंचायत मंत्री, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग एवं हरदा कलेक्टर से की गई है।
जिस पर क्या कार्यवाही की गई है। महाप्रबंधक डी.के. त्रिपाठी व ठेकेदार की मिली भगत से उक्त सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है, इस पर शासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है एवम उक्त सड़क मार्गो का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा, समय सीमा बताएं। जिस पर पंचायत मंत्री द्वारा जवाब दिया गया कि माननीय विधायक द्वारा प्रेषित किए गए शिकायती पत्र मुख्य महाप्रबंधक भोपाल संभाग को जांच कराए जाने हेतु अपेक्षित किए गए हैं।
उक्त तीन मार्गों में से झाड़पा से रैसलपुर मार्ग जिसकी लंबाई 3.05 कि.मी. का निर्माण कार्य दिनांक 31/12/2016 को पूर्ण हुआ था एवं वर्तमान में 05 वर्ष पश्चात संधारण अवधि अधीन है तथा अन्य दो मार्गों पर निर्माण कार्य शुरू होकर खिरकिया मोरगड़ी रोड से अजरूदमॉल मार्ग की कुल स्वीकृत लंबाई 10.20 कि.मी. में से 6.415 कि.मी. लंबाई में बी.टी./सी.सी. का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं नांदरा से गोयत मार्ग पर कुल स्वीकृत लंबाई 3.96 कि.मी. में से 3. 71 कि.मी. बी.टी./सी.सी. का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा धीमी प्रगति के कारण अनुबंध के अनुसार कार्यवाही की गई है। संविदाकार द्वारा अनुबंधित पैकेज क्रमांक एम.पी.-15704 निरस्त कर संविदाकार का नाम डिबार सूची में दर्ज किया गया है। खिरकिया मोरगड़ी रोड से जटपुरा होते हुए ।
अंजरूदमाल मार्ग का अनुबंध वर्तमान में निरस्त है तथा शेष कार्यों हेतु निविदा हेतु प्राकलन तैयार किया जा रहा है। संविदाकार द्वारा प्रस्तुत की गई कार्य योजना के अनुसार नांदरा से गोयत मार्ग दिसंबर 2025 तक पूर्ण करने की योजना है। झाड़पा से रैसलपुर मार्ग की 05 वर्ष संधारण अवधि दिनांक 24/06/2030 तक है । उक्तानुसार इस मार्ग पर संधारण पूर्ण कराए जाने की योजना है।
इसके पश्चात हरदा विधायक द्वारा कृषि मंत्री से प्रश्न किया कि किसानों की ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खरीदी समर्थन मूल्य पर शुरू किए जाने में देरी होने का क्या कारण था, जिसके लिए किसानों व कांग्रेस पार्टी को आंदोलन करने हेतु विवश होना पड़ा।
मूंग फसल की खरीदी समर्थन मूल्य पर शुरू करने में हुई देरी के कारण जिन किसान भाइयों द्वारा अपनी फसल व्यापारियों को कम दाम में बेची गई है उनके नुकसान की भरपाई के लिए सरकार क्या करेगी। दिनांक 27/05/2025 को देर रात हरदा जिले में हुई अति वर्षा के कारण किसानों के खेत में पककर तैयार खड़ी मूंग फसल पानी में डूब गई जिससे जिले के किसानों को भारी नुकसान हुआ है, किसानों के नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की जावेगी। किसानों के नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को मुआवजा राशि कब तक प्रदान की जावेगी, समय-सीमा बताएं। जिस पर कृषि मंत्री द्वारा जवाब दिया गया कि भारत सरकार से मूंग उपार्जन के संबंध में प्राप्त निर्देश दिनांक 12/06/2025 के अनुक्रम में प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 13/06/2025 को मूंग उपार्जन का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया। भारत सरकार से दिनांक 25/06/2025 को मूंग खरीदी लक्ष्य की स्वीकृति उपरांत मूंग उपार्जन प्रारंभ है। मूंग उपार्जन हेतु लक्ष्य भारत सरकार से स्वीकृत होने पर राज्य सरकार द्वारा उपार्जन प्रारंभ किया जाता है।
भारत सरकार से दिनांक 25/06/2025 को लक्ष्य की स्वीकृति उपरांत लक्ष्य की स्वीकृति उपरांत प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन प्रारंभ है। दिनांक 27/05/2025 को देर रात हरदा जिले में हुई अति वर्षा के कारण फसल नुकसानी की जानकारी निरंक है।
इसके पश्चात हरदा विधायक द्वारा उच्च शिक्षा मंत्री से प्रश्न किया गया कि हरदा जिले में विधि महाविद्यालय कब स्वीकृत किया गया और वर्तमान में विधि महाविद्यालय की क्या स्थिति है। किस कारण से प्रश्न दिनांक तक विधि महाविद्यालय स्वीकृत होने के उपरांत भी शुरू नहीं हुआ है। इसके कार्य में देरी होने का क्या कारण है और कब तक कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विधि महाविद्यालय के प्रोजेक्ट को रोकने में किन लोगों की लापरवाही रही एवं शासन स्तर से उन लोगों पर क्या कार्यवाही की जावेगी।
जिस पर उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा जवाब दिया गया कि हरदा जिले में विधि महाविद्यालय दिनांक 05/08/2013 को स्वीकृत किया गया था। शासकीय विधी महाविद्यालय हरदा के भवन निर्माण हेतु ग्राम अबगांव कला, तहसील हंडिया में भूमि आवंटित हो चुकी है व निर्माण एजेंसी पी.आई.यू. द्वारा भवन निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। बार काउंसिल आफ इंडिया की अनुमति की प्रत्याशा में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा दिनांक 13/01/2025 को विधि पाठ्यक्रम हेतु प्रावधिक संबद्धता प्रदान की गई है।
दिनांक 15/02/2025 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा गठित निरीक्षण समिति द्वारा ऑनलाइन मोड़ से विधि कक्षाओं की अनुमति हेतु निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा कतिपय बिंदुओं पर महाविद्यालय के संबंध में Adverse Report दी गई Adverse Report के संबंध में पूर्ति हेतु महाविद्यालय द्वारा वांछित जानकारी बार काउंसिल आफ इंडिया को भेजी जा चुकी है, उनकी अनुमति प्रतीक्षित है। भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन दिनांक 04/04/2025 को प्राप्त होने के कारण विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने में विलंब हुआ। बार काउंसिल आफ इंडिया द्वारा अनुमति उपरांत विधि महाविद्यालय प्रारंभ हो सकेगा। समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
इसके पश्चात हरदा विधायक द्वारा ध्यान आकर्षण सूचना के माध्यम से मगरधा-रतनपुर माचक नदी पर पुल निर्माण कार्य कराए जाने की मांग सरकार से करते हुए कहा गया कि हरदा जिला अंतर्गत ग्राम मगरधा एवं रतनपुर के बीच से माचक नदी निकलती है। उक्त मार्ग पर पुल निर्माण कार्य कराए जाने की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा वर्षों से की जा रही है परंतु पुल निर्माण कार्य नहीं कराए जाने से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं एवं समस्त क्षेत्रवासियों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व में उक्त नदी में दुर्घटनाएं भी हो चुकी है व भविष्य में भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। जिससे क्षेत्रवासियों में काफी रोष व्याप्त है। इस हेतु मैं मांग करता हूं कि मगरधा-रतनपुर माचक नदी पर पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान कर अतिशीघ्र पुल निर्माण कार्य कराए जाने का कष्ट करें जिससे कि क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा हो।

