घर में घुसकर मारेंगे’ – अभिषेक बनर्जी का कड़ा रुख
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को उस वक्त उबाल आ गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का आक्रामक जवाब दिया। सिलीगुड़ी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश की अखंडता पर आंच आने देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
‘घर में घुसकर मारेंगे’ – अभिषेक बनर्जी का कड़ा रुख
अभिषेक बनर्जी ने ख्वाजा आसिफ के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पाकिस्तानी मंत्री ने भविष्य के युद्ध में कोलकाता को निशाना बनाने की बात कही थी।
बनर्जी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा :
“ख्वाजा आसिफ ने कोलकाता को उड़ाने की धमकी दी है, और मैंने उनका नाम अपनी लिस्ट में दर्ज कर लिया है। जिस दिन ममता बनर्जी और इंडिया गठबंधन की सरकार सत्ता में आएगी, हम उन्हें उनके घर में घुसकर करारा जवाब देंगे।”
केंद्र सरकार की ‘चुप्पी’ पर उठाए सवाल
TMC सांसद ने पाकिस्तान की धमकी पर केंद्र की भाजपा सरकार की खामोशी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पड़ोसी देश हमारे शहरों को धमकी दे रहा है, तब देश का शीर्ष नेतृत्व कूचबिहार में चुनाव प्रचार और TMC को कोसने में व्यस्त है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि जो गृह मंत्री रोज विरोधियों को ‘पाकिस्तानी और बांग्लादेशी’ कहते हैं, वे पाकिस्तान की इस सीधी चुनौती पर ‘मूक दर्शक’ बने हुए हैं।
क्या था ख्वाजा आसिफ का विवादित बयान ?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारत को उकसाने वाला बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि यदि भारत ने कोई ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ या सैन्य कार्रवाई की, तो पाकिस्तान इस जंग को केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे कोलकाता तक खींच ले जाएगा। आसिफ के इस बयान को कूटनीतिक हलकों में बेहद गैर-जिम्मेदाराना माना जा रहा है।
चुनावी माहौल और राष्ट्रीय सुरक्षा
पश्चिम बंगाल में चुनाव के इस दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया है। जहाँ एक ओर राजनाथ सिंह पहले कह चुके हैं कि पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, वहीं TMC अब भाजपा को उसी के ‘राष्ट्रवाद’ के पिच पर घेरने की कोशिश कर रही है। अभिषेक बनर्जी का यह बयान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहाँ वे खुद को केंद्र से अधिक हमलावर और सक्रिय दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

