रेल यात्रियों के लिए हुए सख्त नियम जाने नए नियम नही मानने पर हो सकती है जेल, पढि़ए पूरी खबर विस्तार से
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। 20 जून 2026 से ‘जन विश्वास अधिनियमों का संशोधन अधिनियम 2026’ पूरे देश में प्रभावी हो गया है। इसके तहत बिना टिकट यात्रा और महिला आरक्षित कोच में पुरुषों के प्रवेश पर जुर्माना दोगुना कर दिया गया है।
बिना टिकट सफर करना पड़ेगा महंगा
रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 137 और 138 के तहत अब बिना टिकट, गलत टिकट या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किए गए टिकट के साथ यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। पहले यह जुर्माना 250 रुपये था। रेलवे ने साफ किया है कि यात्रियों को जुर्माने से बचने के लिए वैध टिकट के साथ ही यात्रा करनी होगी।
महिला कोच में पुरुषों की एंट्री पर ₹2,500 पेनल्टी
महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने महिला आरक्षित कोच और सीटों के नियम सख्त किए हैं। धारा 162 के तहत यदि कोई पुरुष यात्री बिना अधिकार महिला कोच, डिब्बे या आरक्षित सीट पर यात्रा करते हुए पाया जाता है, तो उस पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने पर मामला अदालत जाएगा और 5,000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
आरक्षित डिब्बों में जनरल टिकट मान्य नहीं
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनरल टिकट पर ट्रेन के आरक्षित एसी और स्लीपर कोचों में यात्रा मान्य नहीं है। ऐसा करने वाले यात्रियों को जुर्माना देकर अगले स्टेशन पर उतार दिया जाएगा। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए चिन्हित डिब्बों में भी बिना टिकट या अनियमित टिकट पर यात्रा करना कानूनन अपराध है।
अन्य सख्त प्रावधान भी लागू
नए नियमों के तहत ट्रेन या स्टेशन परिसर में थूकने, गंदगी फैलाने, शराब के नशे में हंगामा करने पर पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। खतरनाक वस्तुएं ले जाने पर कम से कम 10,000 रुपये जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल की सजा हो सकती है। स्टेशन परिसर में गलत पार्किंग पर 500 रुपये पेनल्टी लगेगी।
जागरूकता अभियान जारी
आरपीएफ और टिकट जांच स्टाफ द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर आरक्षित डिब्बों से अवांछित एवं सामान्य टिकट धारकों को हटाया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा सही श्रेणी का टिकट लेकर ही यात्रा करें ताकि किसी कानूनी कार्रवाई या जुर्माने से बचा जा सके।

