मप्र सरकार का इंटेलीजेंस फेल उठा सवालिया निशान 25 में भी नही पकड़ पाये- कांग्रेस
प्रदेश की राजधानी भोपाल मे एक बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल वर्षो से किन्नर नेहा बनकर रहा था और इसका प्रदेश के खुफिया तन्त्र को पता भी नही चला।
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल।राजधानी से अब्दुल कलाम नाम के एक बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने पकड़ा है। जो किन्नर बनकर पिछले 8 सालों से भोपाल में नेहा बनकर रह रहा था।
राजनीतिक हलचल हुई तेज
मध्य प्रदेश के भोपाल से अब्दुल कलाम एक बांग्लादेशी नागरिक जो किन्नर है विगत जो 8 सालों से भोपाल में नेहा बनकर रह रहा था। अब्दुल ने पूछताछ में बताया कि वो 10 साल की उम्र में बांग्लादेश से भारत आ गया था। पहले मुंबई में रहा। इसके बाद भोपाल आ गया। यहां करीब 8 सालों से नेहा बनकर रह रहा है। इस दौरान उसने आवश्यक दस्तावेज भी बना लिए है।
कांग्रेस ने भाजपा पर दागे सवाल
कांग्रेस ने इस पर सवाल पूछा है कि उसे फर्जी दस्तावेज किसने और कैसे बनाकर दिए। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने तीखे स्वर में सवाल किया कि एमपी का ये कैसा खुफिया तंत्र है। बांग्लादेशी अब्दुल, नेहा बनकर 8 सालों से रह रहा, किसी को भनक तक नहीं हुई। पीसी शर्मा ने कहा अब्दुल तो एक सिर्फ ताजा उदाहरण है, न जाने कितने बांग्लादेशी घुसपैठिये एमपी में होंगे। बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए फर्जी दस्तावेज कौन बना रहा है। कांग्रेस ने सवाल खड़े करते हुए कहा मध्य प्रदेश इंटेलिजेंस का यह फेलियर है।
भाजपा ने भी दिया जबाब
कॉंग्रेस के बयान पर बीजेपी ने उल्टा कांग्रेस पर ही हमला कर दिया और कहा कांग्रेस तो हमेशा इस तरह के घुसपैठियों को संरक्षण देने का काम करती है। जब हमारी सरकार ने कई राज्यों में इस तरह की कार्रवाई की बात की तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा मैं सुनिश्चित करना चाहता हूं यदि कोई भी व्यक्ति नाम बदलकर रहेगा तो उसे पकड़ा भी जाएगा और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी.
कैसे मिला नेहा नाम से रह रहा अब्दुल
बुधवार को भोपाल पुलिस ने अब्दुल को हिरासत में लिया. खुद का नेहा नाम बता रहे इस किन्नर पर पुलिस को शक हुआ तो पुलिस ने पूछताछ की. पहले तो वो खुद को भारतीय ही बताता रहा। जब पुलिस ने सख्ती की तो उसने कबूल कियो कि उसका नाम अब्दुल कलाम है।. वो बांग्लादेश का रहने वाला है।

