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MP News: मध्य प्रदेश में किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, दूध उत्पादन पर मिलेगा 50 हजार रुपये तक का बोनस

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा पेश किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि प्रदेश के दूध उत्पादक किसानों को अब 50 हजार रुपये तक का बोनस मिलेगा। इस योजना के तहत दूध उत्पादन को प्रोत्साहन देकर राज्य में दूध की उत्पादकता को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में सांची दुग्ध संघ के दौरे के दौरान यह घोषणा की, जिससे राज्य के किसानों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि सरकार दूध उत्पादन को और बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, जिससे न केवल किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

दूध उत्पादन पर 50 हजार रुपये का बोनस

मुख्यमंत्री यादव ने साफ किया कि यह बोनस योजना दूध उत्पादन में लगे किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी। योजना के तहत किसानों को दूध उत्पादन पर 50 हजार रुपये तक का बोनस मिलेगा, जिससे उनके उत्पादन की लागत को कम किया जा सकेगा और उन्हें बेहतर मुनाफा मिलेगा। यादव ने यह भी कहा कि राज्य सरकार दूध उत्पादन में मध्य प्रदेश को देश के शीर्ष राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

वर्तमान में दूध उत्पादन की स्थिति

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश दूध उत्पादन में राजस्थान के बाद दूसरे स्थान पर है, लेकिन अभी राज्य की हिस्सेदारी सिर्फ 9 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राजस्थान से पीछे होने के बावजूद राज्य सरकार तेजी से इस अंतर को कम करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार की योजना है कि उज्जैन में स्थित सांची दुग्ध संघ की उत्पादन क्षमता को ढाई लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन तक किया जाए। इसके अलावा, इसका मुनाफा भी 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

नेशनल डेयरी बोर्ड का सहयोग

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प्रदेश में दुग्ध संघ को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने नेशनल डेयरी बोर्ड से सहयोग लेने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल डेयरी बोर्ड के माध्यम से किसानों को दुग्ध संघ से जोड़ने का काम किया जाएगा, जिससे उन्हें दूध उत्पादन पर मिलने वाले बोनस का फायदा सीधे तौर पर पहुंच सके।

योजना के तहत, किसानों को अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादन में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उन्हें उचित प्रशिक्षण व तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी। इससे राज्य में डेयरी उद्योग को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सांची दुग्ध संघ का पुनर्गठन

सांची दुग्ध संघ, जो मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण संगठन है, उसे लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संघ को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नेशनल डेयरी बोर्ड के सहयोग से सांची दुग्ध संघ को और भी सशक्त बनाया जाएगा। इसके तहत संघ की क्षमताओं को बढ़ाकर उसे राज्य का अग्रणी दुग्ध संघ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

किसानों की आय में होगी वृद्धि

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह योजना सिर्फ दूध उत्पादन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की आय में भी वृद्धि करना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार चाहती है कि मध्य प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में देश का अग्रणी राज्य बने।

दूध उत्पादन में वृद्धि से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बल मिलेगा। साथ ही, राज्य के दुग्ध उद्योग को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।