jhankar
ब्रेकिंग
15 जुलाई को MP में अपराध और दुर्घटना की ताजा खबरें टीकमगढ़: पीडीएस के गेहूं में निकली सिर की हड्डी, हड़कंप के बाद दुकान सील जयपुर: 7 लाख में मां की सुपारी देकर बेटी ने रच दी हत्या की साजिश, पुलिस ने खोली परतें हरदा: अवैध मड पंप पर सिर्फ ₹5000 का जुर्माना, अमर रोचलानी ने उठाए सवाल, बोले- पूरे तंत्र की हो निष्प... मुरैना: "साली को घुमाने" के शक में जीजा को पेड़ से बांधकर बेल्ट और डंडों से पीटा, पत्नी के सामने दी ... हरदा हलचल- 15.07.2026 बुधवार हरदा जिले की प्रमुख खबरों की झलकियां हंडिया : सचिन भैया, शिकायत हटा लो...’ बस स्टैंड अतिक्रमण मामले में नया मोड़, शिकायतकर्ता ने साझा की ... हंडिया : मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा का मिला सम्मान, हंडिया के एसआई जितेंद्र कुमार वैष्णव बने इंस्पेक्टर! रहटगांव में युवा कांग्रेस की मासिक बैठक संपन्न, छात्रों और किसानों के मुद्दों पर आंदोलन की रणनीति बन... ग्राम कुड़ावा में पुराने मालगुज़ार के मकान की खुदाई में प्राचीन सिक्के मिलने की चर्चा, ग्रामीणों की ...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बोलीं: संस्कृति और विकास का संतुलन ही बनाएगा सशक्त समाज

मकडा़ई एक्सप्रेस 24बैतूल । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को बैतूल में कहा कि किसी भी समाज का असली सशक्तिकरण सिर्फ आर्थिक तरक्की से नहीं होता। *आत्मविश्वास, आत्मसम्मान, जागरूकता और दायित्वबोध* के विकास से ही व्यक्ति और समाज मजबूत बनता है। वे यहां ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित *“आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन* को संबोधित कर रही थीं।

जनजातीय समाज की पहचान है आत्मसम्मान

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मसम्मान के साथ जीने वाला समाज है, यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। आध्यात्मिक जागृति इंसान को उसकी भीतरी शक्ति का एहसास कराती है। उन्होंने जोर दिया कि *विकास और संस्कृति का संतुलन* ही सशक्त और समृद्ध समाज की नींव रखता है।

2047 तक विकसित भारत के लिए सबको साथ लाना जरूरी

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा है। यह तभी पूरा होगा जब कोई भी वर्ग विकास की मुख्यधारा से पीछे न छूटे। उन्होंने आगाह किया कि जनजातीय समाज को भ्रमित करने के प्रयास होते रहते हैं। ऐसे में यह सम्मेलन उनके आध्यात्मिक उत्थान और सामाजिक जागरूकता के लिए बेहद उपयोगी है।

MP सरकार के प्रयासों की सराहना

राष्ट्रपति ने मध्यप्रदेश सरकार की जनजातीय कल्याण योजनाओं की तारीफ की। *सिकल सेल एनीमिया* का जिक्र करते हुए कहा कि जनजातीय इलाकों में इसके उन्मूलन के लिए प्रभावी काम हो रहा है। इससे समाज का स्वास्थ्य स्तर और बेहतर होगा।

बैतूल की संस्कृति देश में अलग पहचान रखती है

उन्होंने कहा कि बैतूल अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक चेतना के लिए जाना जाता है। यहां के लोगों ने अपनी परंपराएं, लोकज्ञान और मूल्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी बचाए रखे हैं। सामूहिकता, सहयोग, सरलता और ईमानदारी यहां की संस्कृति का हिस्सा है।

- Install Android App -

प्रकृति पूजक है जनजातीय समाज

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय जीवनशैली स्वाभाविक रूप से प्रकृति के करीब है। वे *धरती, जल, वायु, सूर्य और चंद्रमा* को पूजते हैं। उनके लिए पूरी प्रकृति ही मंदिर है। वे संसाधनों का इस्तेमाल जरूरत भर करते हैं और संरक्षण को प्राथमिकता देते हैं। आज जब दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, तब जनजातीय जीवन पद्धति पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत

महासम्मेलन में लगी प्रदर्शनी देखने के बाद राष्ट्रपति ने प्राकृतिक खेती की सराहना की। कहा कि रासायनिक खाद से जमीन की उर्वरता खत्म हो रही है और बीमारियां बढ़ रही हैं। प्राकृतिक खेती न सिर्फ सेहत के लिए अच्छी है, बल्कि मन और आत्मा को भी शुद्ध करती है।

युवाओं को आधुनिकता से जोड़ें, संस्कृति भी बचाएं

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल और डिजिटल ताकत से जोड़ना जरूरी है। लेकिन साथ ही उनकी *सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत* भी बचानी होगी। विकास और संस्कृति का संतुलन ही स्थायी प्रगति देगा।

ब्रह्माकुमारी संस्थान के काम की सराहना

उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान दशकों से बैतूल में नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास और आध्यात्मिक जागरण का काम कर रहा है। ध्यान और शिक्षा के जरिए हजारों लोगों के जीवन में शांति और संतुलन लाया है।

समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी कहा कि आध्यात्मिक चेतना समाज को संस्कारित करती है। उन्होंने रोज ध्यान करने से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा का जिक्र किया। *केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके* ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु का जीवन संघर्ष और सेवा का उदाहरण है।

कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कलश-ध्वज भेंट कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।