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प्रेस वार्ता: कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांई ने मुख्यमंत्री , प्रभारी मंत्री, भाजपा नेताओं से पूछे सवाल इस पर मांगा जवाब !!

हरदा,/ बीते कल मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन मे किसानों को क्या मिला जब किसान सम्मेलन के नाम से कार्यक्रम था तो किसानों की ओर किसान नेताओं की अनदेखी क्यों की किसान नेताओं को मंच पर बोलने का मौका क्यों नहीं दिया किसानों को गुमराह क्यूं किया गया |

आज कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहन विश्नोई और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमंत टाले ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि

मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओ को प्रभारी मंत्री से कुछ सवाल है इनका जवाब देना चाहिए।

इन सवालों के मांगे जवाब।

1) मंच से ऐसी कौनसी किसान हितैषी घोषणा की थी जिससे किसानों को फायदा होगा|

2) जब किसान सम्मेलन था तो सोयाबीन जो बारिश मे खराब हुई उसकी बीमा राशि अभी तक क्यों नहीं दी और जो किसान उस समय राहत राशि से वंचित रह गए थे उनको अभी तक राहत राशि क्यों नहीं दी|

3) मुख्यमंत्री स्वयं मंच से झूठ बोल कर गए की हरदा जिला 100 % सिंचित हो गया है|

4) ओला वृष्टि से पीड़ित किसानों को राहत क्यू नहीं दी या कितनी दी जाएगी मुख्यमंत्री को किसानों को बताना था इतनी देरी क्यू हुई|

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5) अभी जिन किसानों की फसले आगजनी से नष्ट हुई उन किसानों को कितनी राहत राशि दी जाएगी ये बात क्यू नहीं की मंच से मुख्यमंत्री ने या अन्य नेताओ ने उन किसानों के बेटे-बेटियों की शादी थी लेकिन उनका कोई जिक्र तक नहीं किया|

6) समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी 16 मार्च से शुरू होना था उसकी समय अवधि क्यू बड़ाई ओर बड़ाई थी तो सहकारी बैंक की बसूली की तारीख 31 मई करना था वो क्यू नहीं की किसान डीफाल्टर हो जाएगा उसकी भरपाई कौन करेगा|खर्च करके किसान सम्मेलन किया अगर इतना ही पैसा आग पीड़ित किसानों को दे देते तो उनकी बेटे बेटियों की शादी हो जाती

इतनी ही राशि किसानों को गेंहू खरीदी पर बोनस दे देते तो किसानों को 150 रु किवंटल बोनस मिल जाता जो अपने आप को किसान नेता बताते है उन्होंने किसानों की कोई बात नहीं रखी केवल अपनी डपली बजाते रहे अपने नंबर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट पहना रहे थे|

8) हरदा जिले को 15 वर्षों से 100% सिंचित बता रहे है क्या हरदा जिला 100% सिंचित हो गया है हकीकत ये है की नहरों का एरिया हर तरफ कम हो गया है किसानों ने लाखों खर्च कर अपने निजी सन-साधनों से जमीने सिंचित की है ओर उन किसानों पर बिजली विभाग के द्वारा लाखों रु के झूठे मुकदमे बना दिए है उन पर किसी नेता ने आज तक कुछ नहीं बोला|

9) कल के सम्मेलन का खर्च किस मद से किया गया ये भी बताए जिला प्रशासन 2014 के पहले 100 से 200 रु प्रति क्विंटल बोनस देते थे कांग्रेस की सरकार थी केंद्र में तब 2014 के बाद केंद्र की भाजपा सरकार ने बोनस बंद क्यों किया|

10) किसानों को भावांतर के भंवर में फंसा दिया है सोयाबीन का जब भावांतर शुरू किया उसके पहले सोयाबीन 4800 से 5000 बिका जैसे ही भावांतर शुरू किया सोयाबीन 3000 से 3800 बिकने लगी फिर मंडी भाव और समर्थन के अंतर की राशि क्यों नहीं दी और भावांतर योजना बंद होते ही 5800 से 6000 तक बिका सोयाबीन ये कौन सी किसानों को लूटने की योजना थी किसानों को भावांतर नहीं चाहिए किसानों को फसलों का समर्थन मूल्य चाहिए|

11) मुख्यमंत्री कल शिक्षा पर बोल रहे थे ये उनको शोभा नहीं देता कांग्रेस सरकार ने 2004 से पहले हर गांव में स्कूल बनाई थी ताकि गाँव के गरीब का बच्चा शिक्षित हो सके इन्होंने कितने स्कूल बंद किए ये बताए शिक्षकों की भर्तिया नहीं हुई इससे उन स्कूलों मे गरीब के बच्चों को शिक्षा मिलती थी मध्यान्ह भोजन मिलता था सब इन्होंने बंद करा दिए।

12) मुख्यमंत्री ने अभी उड़द की उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पंजीयन कराए जो फसल अभी तक बोई नहीं है उसके पंजीयन करा लिए गए है और किसानों को नया लॉलीपॉप दे दिया गया है की उड़द को समर्थन मूल्य पर खरीदने के अलावा 600 रु अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा और अन्य फसले गेंहू,मक्का,चना,सरसों को भी समर्थन मूल्य पर खरीद कर इन फसलों पर भी 500 रु बोनस दिया जाना चाहिए|