चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तमिलनाडु के तूतीकोरिन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की रेलवे व्यवस्था अब आधुनिकता के एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। केंद्र सरकार ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तमिलनाडु के 77 रेलवे स्टेशनों को नया रूप देने का काम शुरू किया है।
अमृत भारत स्टेशन योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इसका मकसद भारतीय रेलवे नेटवर्क पर स्थित स्टेशनों को आधुनिक, स्वच्छ और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। इस योजना के तहत प्रत्येक स्टेशन के लिए एक दीर्घकालिक मास्टर प्लान बनाया जा रहा है, जिसमें मल्टीमोडल कनेक्टिविटी, आसान पहुंच, और यात्री सुविधाओं में सुधार को प्रमुखता दी गई है।
इस योजना की ज़रूरत क्यों पड़ी?
सरकार का उद्देश्य है कि रेलवे स्टेशन सिर्फ यात्रा के स्थान न रहकर भविष्य में छोटे बिजनेस हब और यात्रियों के लिए आरामदायक केंद्र बनें। इसके तहत स्टेशनों में बड़े सर्कुलेशन एरिया, बेहतर प्रतीक्षालय, शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, फ्री वाई-फाई, एक्जीक्यूटिव लॉन्ज, मीटिंग के लिए स्थान और हरियाली व सौंदर्यीकरण जैसे बदलाव किए जाएंगे। हर स्टेशन पर ये सुविधाएं स्थानीय ज़रूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की जाएंगी।
कितने स्टेशनों को शामिल किया गया है?
रेल मंत्रालय ने इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करना शुरू किया है। अब तक 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित किया जा चुका है। हाल ही में मई महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने पहले चरण में 103 स्टेशनों का लोकार्पण किया जो देश के 86 जिलों और 18 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित हैं। इन सभी स्टेशनों के पुनर्विकास पर कुल 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।

