मकडा़ई एक्सप्रेस 24 रतलाम । शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत राजीव नगर में छोटी दीपावली की रात एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गोली मारकर हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने तीन आरोपियों को तीन-तीन हत्याओं के लिए तिहरा आजीवन कारावास की सजा दी है।
किन्हें मिली सजा
विनोबा नगर निवासी 23 वर्षीय अनुराग उर्फ बाबी पिता प्रवीण सिंह परमार, रेलवे कालोनी निवासी 29 वर्षीय गोलू उर्फ गौरव पिता राजेश बिलवाल तथा दाहोद, गुजरात के लाला उर्फ भरत उर्फ भारता भाबोर को अलग-अलग हत्याओं के लिए आजीवन कारावास से दंडित किया गया। चौथा आरोपी दिलीप देवल गिरफ्तारी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
क्या था पूरा मामला
अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार के मुताबिक 25 नवंबर 2020 की रात राजीव नगर निवासी गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा सोलंकी और बेटी दिव्या सोलंकी की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगली सुबह मकान के निचले हिस्से में किराए से रहने वाली नर्स ज्वेलिका अपनी स्कूटी न मिलने पर ऊपर गई तो कमरे में तीनों के शव खून से लथपथ मिले।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
पुलिस जांच में इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में आरोपी वारदात के बाद नर्स ज्वेलिका की सफेद स्कूटी लेकर भागते दिखे। इंद्रा नगर स्थित नूरी गेस्ट हाउस के संचालक गुंजन प्रजापति ने फुटेज के आधार पर दिलीप देवल और अनुराग उर्फ बाबी की पहचान की। पूछताछ में अनुराग ने दिलीप, लाला और गोलू के साथ मिलकर हत्या की बात कबूली।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से हुई सजा
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल वाहन, कपड़े, जेवरात और अन्य सामान जब्त किया। कोर्ट में 111 भौतिक वस्तुएं और 210 दस्तावेज पेश किए गए। 33 गवाहों के बयान हुए। डीएनए और बैलेस्टिक रिपोर्ट समेत वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को तिहरा आजीवन कारावास सुनाया। अपर लोक अभियोजक ने बताया कि तीनों आरोपी 2 दिसंबर 2020 से जेल में बंद हैं।

