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S-400 डील: प्रतिबंध में छूट के लिए अमेरिका को साधने की कोशिश में भारत

नई दिल्लीः रूस के साथ एस-400 एयर मिसाइल डिफेंस डील सौदे पर हस्ताक्षर करने के बाद अब भारत अमेरिका को साधने में जुटा हुआ है। हालांकि अभी तक रूस-भारत की डील के बाद अमेरिका की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। माना जा रहा है कि भारत महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक-मिलिटरी कैंपेन कर अमेरिका से इस डील में छूट दिए जाने की मांग करेगा। वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की स्थिति को लेकर अमेरिकी प्रशासन में एक खास समझ है जिससे भारत को अमेरिकी कार्रवाई से बचने में मदद मिल सकती है। सामरिक मामलों के विशेषज्ञ कोमोडोर (सेवानिवृत्त) सी.उदय भास्कर ने कहा कि एस-400 डील से भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती की परीक्षा होगी।

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हालांकि ‘‘टू प्लस टू वार्ता (भारत-अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच हुई वार्ता) के दौरान मोदी सरकार ने अमेरिका को बता दिया था कि रूस के साथ भारत के सैन्य संबंध काफी गहरे और पुराने हैं जिनकी शुरूआत 1960 के दशक में हुई थी। इस डील में भारत को अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ही लेंगे। वैसे ट्रंप कई बार सार्वजनिक तौर पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर चुके हैं और उन्हें अपना दोस्त कह चुके हैं।

वहीं इस मामले में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में रूस से जुड़े मामलों का प्रभार संभाल चुके पूर्व राजनयिक अनिल वाधवा ने कहा कि सीएएटीएसए के प्रभाव में आने से काफी पहले से सौदे को लेकर बातचीत चल रही थी। उन्होंने कहा कि मुद्दे पर मामला-दर-मामला आधार पर निपटना होगा और अमेरिका को सौदे को लेकर छूट देनी चाहिए। वाधवा ने कहा, ‘‘अमेरिकी प्रशासन को अमेरिकी कांग्रेस के सामने मामले को मजबूती से पेश करना होगा। वैसे भी कांग्रेस में दोनों दलों (सत्तारूढ़ रिपब्लिकन एवं विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी) की तरफ से भारत के लिए मजबूत समर्थन है।’’