बोगोटा। कोलंबिया में गुरुवार को दो आतंकी हमले हुए। सबसे पहले ऐंटिओक्विया विभाग के अमाल्फी इलाके में एक नेशनल पुलिस का ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर मार गिराया गया। बताया जा रहा है कि कोका की अवैध खेती नष्ट करने के मिशन पर गए इस हेलिकॉप्टर पर गोलीबारी की गई, जिसमें 12 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। इसके कुछ ही घंटों बाद, देश के तीसरे सबसे बड़े शहर काली में तबाही मची। कोलंबियन एयरोस्पेस फोर्स बेस के पास एक ट्रक में जोरदार धमाका हुआ। इस विस्फोट में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 71 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
धमाके के बाद पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। कई घरों और दुकानों के शीशे टूट गए और घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक स्कूल खाली काया गया है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने इन हमलों के पीछे पूर्व एफएआरसी गुरिल्ला ग्रुप के असंतुष्ट धड़ों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ये वही गुट हैं जिन्होंने 2016 की शांति संधि को मानने से इनकार कर दिया था। पेत्रो ने ट्वीट कर कहा कि इन हमलों ने एक बार फिर हमें याद दिलाया है कि शांति की राह आसान नहीं है। आतंक और हिंसा हमें झुका नहीं सकते हैं।
काली के मेयर ने कहा कि फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं और शहर में बड़े ट्रकों की एंट्री रोक दी गई है। साथ ही उन्होंने हमलावरों तक पहुंचने के लिए 10 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित किया है। 40 साल के प्रत्यक्षदर्शी एलेक्सिस आतिजाबाल ने आशंका जताई कि धमाके में आम नागरिक भी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क से गुजर रहे कई लोग सीधे धमाके की चपेट में आ गए।
कोलंबिया की प्रांतीय गवर्नर डिलियन फ्रांसिस्का टोरो ने इसे आतंकी हमला बताया और कहा कि आतंकवाद हमें पराजित नहीं कर सकता। यह धमाका उस समय हुआ है जब कोलंबिया में 2026 के राष्ट्रपति चुनाव होना है। अभी तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। जून में लेफ्ट विंग गुरिल्ला संगठन सेंट्रल जनरल स्टाफ ने काली में हुए बम और गोलीबारी हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जिनमें साल लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले पुलिसकर्मियों और गुरिल्ला फोर्सेस के बीच नशीली दवाओं की अवैध खेती को नष्ट करने को लेकर बवाल होते रहे हैं।

