मकड़ाई समाचार कटनी। साहब! सात साल से ज्यादा का समय हो गया है मेरे पति का पता नहीं चल रहा है, ढूढ़ंकर थक गए हैं। बेटों ने कई जगह खोजा, लेकिन कोई सुराग नहीं लग रहा है, आंखें पथरा गई हैं, हालांकि हम तो चाह रहे हैं कि कहीं पर भी हों तो आ जाएं, अब तो आप उनका मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा दीजिए ताकि एक बेटे को अनुकंपा नौकरी मिल जाए…। यह बात सोमवार को जीआरपी थाना पहुंचीं प्रौढ़ महिला 56 वर्षीय पावर्ती सिंह ने जीआरपी थाना प्रभारी राकेश पटेल से कही। दरअसर कैलाश सिंह पिता किशोरी सिंह (58) निवासी रोशन नगर, जो कि रेलवे में वॉयर मैन के पद पर कार्यरत थे। सात साल पहले 18 जून 14 को अचानक ट्रेन से लापता हो गए। पत्नि पावर्ती सिंह का कहना है कि 2014 से लगभग 6 साल पहले से दनकी दीमागी हालत खराब हो गई थी। खाना-पीना भी कम खा रहे थे। कमजोर हो गए थे। लापता होने के बाद आजतक पता नहीं चला।
बेटी का करने जा रहे थे ब्याह पावर्ती सिंह ने बताया कि 2014 में बेटी पूजा सिंह का ब्याह करने पिपरिया ट्रेन से जा रहे थे, इसी दौरान वे गायब हो गए। बेटी को वे जान से भी ज्यादा चाहते थे। एक बेटी और तीन बेटा हैं। सोमवार को मां बड़े बेटे राघवेंद्र सिंह को लेकर जीआरपी पहुंचीं। जहां पर जीआरपी प्रभारी सहित एसइआइ एचएन त्रिवेदी ने आवश्यक सुझाव दिए।
इनका कहना है लापता रेलकर्मी की पत्नी पार्वती सिंह थाना पहुंची थीं। पति की मृत्यु घोषित कराने व प्रमाणपत्र की बात रखी है। उनसे आवश्यक दस्तावेज रेलवे में जमा करने कहा है, क्योंकि गुमने की अवधि सात साल पूरी हो गई है। आवेदन कलेक्टर के समक्ष करने कहा है। आरके पटेल, थाना प्रभारी जीआरपी।

